फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hong Kong passes national security law giving govt more power to curb dissent

Hong Kong: हांगकांग ने पास किया नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून; 23 मार्च से होगा लागू

Tue, 19 Mar 2024 06:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 19 Mar 2024 06:33 PM IST
विज्ञापन
Hong Kong passes national security law giving govt more power to curb dissent
हांगकांग और चीन - फोटो : iStock

हांगकांग ने एक नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित किया है। इस कानून में विभिन्न मामलों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। यह 23 मार्च से लागू होगा। कहा जा रहा है कि इस नए कानून के जरिए सरकार को असहमति की आवाज को दबाने की और भी अधिक ताकत मिल गई है। हालांकि वहां के नागरिक संगठनों ने इसका विरोध किया है।  

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को विधानपरिषद के एक विशेष सत्र के दौरान यह प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर विधान परिषद के अध्यक्ष एंड्रयू लेउंग ने कहा कि इस कानून का पारित होना ऐतिहासिक क्षण है।  
विज्ञापन

 

बेहद कठोर प्रावधान
इस कानून में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे से जुड़े मामलों के लिए बेहद कठोर दंड के प्रावधान किए गए हैं। इनमें देशद्रोह के लिए आजीवन कारावास के नियम शामिल किए गए हैं। इतना ही नहीं, देश के खिलाफ लेख या साहित्य रखने सहित छोटे अपराधों के लिए भी कई सालों की जेल का प्रावधान किया गया है। साथ ही इसमें दुनिया में कहीं भी किए गए कृत्यों के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले प्रावधान भी किए गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कानून का उद्देश्य जासूसी, देश की गुप्त जानकारी साझा करने और गैरकानूनी कृत्यों को अंजाम देने के लिए 'बाहरी ताकतों के साथ मिलीभगत को रोकना है। इसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें 20 साल की जेल हो सकती है। वहीं, अगर उन्होंने बाहरी ताकतों के साथ मिलीभगत की है, तो उन्हें जीवन भर की सजा हो सकती है।


नागरिक संगठनों और आलोचकों ने बताया- यह चिंताजनक
वहीं, कई नागरिक संगठनों ने इस कदम को चिंताजनक करार दिया है। उनका दावा है कि इस नए कानून के जरिए सरकार ने असहमति को कुचलने की अपनी शक्ति का विस्तार कर लिया है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि यह नया कानून हांगकांग में नागरिक स्वतंत्रता को और कमजोर बना देगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed