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Israel: 'हमास के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता अबू उबैदा को उतारा मौत के घाट', इस्राइली रक्षामंत्री का बड़ा दावा
Sun, 31 Aug 2025 08:59 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sun, 31 Aug 2025 08:59 PM IST
सार
इस्राइल ने दावा किया है कि हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा को गाजा में मार दिया गया है। हालांकि हमास ने इसकी पुष्टि नहीं की। इस बीच गाजा सिटी में शनिवार से अब तक 43 फलस्तीनियों की मौत हुई है। अस्पतालों के मुताबिक कई लोग मदद पाने की कोशिश में मारे गए।
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बेंजमिन नेतन्याहू, इस्राइली पीएम
- फोटो : ANI
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विस्तार
इस्राइल ने दावा किया है कि गाजा में हमास के सशस्त्र धड़े का प्रवक्ता अबू उबैदा मारा गया है। इस्राइल के रक्षामंत्री इस्राइल कैट्ज ने रविवार को घोषणा की कि सप्ताहांत में उबैदा को निशाना बनाकर मार दिया गया। हालांकि हमास की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अबू उबैदा पर हमला किया गया था, लेकिन यह साफ नहीं है कि वह मारा गया या नहीं। उन्होंने कैबिनेट बैठक में कहा कि हमास की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अबू उबैदा लंबे समय से हमास की सैन्य इकाई क़साम ब्रिगेड्स का चेहरा रहे हैं और उनके खिलाफ पहले भी कई बार कार्रवाई की गई थी।
गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र घोषित
अबू उबैदा का आखिरी बयान शुक्रवार को आया था जब इस्राइल ने गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र घोषित करते हुए सैन्य अभियान का नया चरण शुरू किया था। इस्राइल की सेना का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमता को खत्म करना है, ताकि सात अक्टूबर 2023 जैसे हमलों को दोबारा होने से रोका जा सके।
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दर्जनों फलस्तीनी नागरिकों की मौत
स्थानीय अस्पतालों ने बताया है कि शनिवार से अब तक गाजा सिटी में कम से कम 43 फलस्तीनी मारे गए हैं। शिफा अस्पताल ने कहा कि उसकी मोर्चरी में 29 शव लाए गए, जिनमें से 10 लोग मदद लेने की कोशिश में मारे गए थे। रविवार सुबह अस्पतालों ने 11 और मौतों की पुष्टि की। अल-अवदा अस्पताल ने कहा कि इनमें से सात नागरिक थे जो सहायता पाने की कोशिश कर रहे थे।
‘डेथ ट्रैप’ बना नेटजारिम कॉरिडोर
गवाहों ने बताया कि इस्राइली सैनिकों ने नेटजारिम कॉरिडोर में भीड़ पर गोली चलाई। यह इलाका इस्राइली सेना के नियंत्रण में है और गाजा को बीच से काटता है। नुसेरत के रहने वाले राग़िब अबू लेबदा ने कहा— "हम भोजन लेने गए थे, लेकिन हमें गोलियों से जवाब मिला। यह मौत का जाल है।" पिछले हफ्तों में इसी कॉरिडोर में कई लोग सहायता काफिलों तक पहुंचने की कोशिश में मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक एक अगस्त से अब तक करीब 65,000 लोग अपने घर छोड़ चुके हैं। केवल पिछले हफ्ते में 23,000 से ज्यादा लोगों ने पलायन किया है। युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा की 90 फीसदी से अधिक आबादी एक बार से ज्यादा विस्थापन झेल चुकी है। कई लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं और लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं।
ये भी पढ़ें- ईस्ट लंदन में गणपति विसर्जन के बाद सामुदायिक केंद्र में आग, इमारत जलकर खाक; कोई हताहत नहीं
भूख और मौतें बढ़ीं
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में सात वयस्कों की मौत कुपोषण और भूख से हुई है। मंत्रालय के अनुसार जून से अब तक कुल 215 वयस्कों की मौत भूख से हुई है। इसके अलावा अक्टूबर 2023 से अब तक 124 बच्चों की मौत भी इसी वजह से हुई है।
अब तक 63 हजार से ज्यादा मौतें
गाज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 63,371 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें से आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह आंकड़े उसके अस्पतालों और डॉक्टरों से मिले हैं। हालांकि इस्राइल इन आंकड़ों पर सवाल उठाता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और स्वतंत्र विशेषज्ञ इन्हें सबसे भरोसेमंद मानते हैं।
दक्षिण गाजा की ओर धकेलने का आरोप
इस्राइल ने दक्षिण गाजा में नए ढांचागत प्रोजेक्ट की घोषणा की है और कहा है कि गाजा सिटी में मदद सीमित की जा सकती है। फलस्तीनियों का आरोप है कि यह कदम उन्हें जबरन विस्थापित करने की कोशिश है। इस्राइल ने गाजा सिटी और जबालिया शरणार्थी शिविर के आसपास हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं।
गाजा में लगातार हो रहे हमलों और भूख से बिगड़ते हालात ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों का कहना है कि उनके पास न तो पर्याप्त दवाएं हैं और न ही क्षमता कि इतने घायलों और मृतकों को संभाल सकें। दूसरी ओर, इस्राइल का कहना है कि हमास को खत्म करना ही उसका लक्ष्य है और अभियान इसी दिशा में जारी रहेगा।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अबू उबैदा पर हमला किया गया था, लेकिन यह साफ नहीं है कि वह मारा गया या नहीं। उन्होंने कैबिनेट बैठक में कहा कि हमास की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अबू उबैदा लंबे समय से हमास की सैन्य इकाई क़साम ब्रिगेड्स का चेहरा रहे हैं और उनके खिलाफ पहले भी कई बार कार्रवाई की गई थी।
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गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र घोषित
अबू उबैदा का आखिरी बयान शुक्रवार को आया था जब इस्राइल ने गाजा सिटी को युद्ध क्षेत्र घोषित करते हुए सैन्य अभियान का नया चरण शुरू किया था। इस्राइल की सेना का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमता को खत्म करना है, ताकि सात अक्टूबर 2023 जैसे हमलों को दोबारा होने से रोका जा सके।
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दर्जनों फलस्तीनी नागरिकों की मौत
स्थानीय अस्पतालों ने बताया है कि शनिवार से अब तक गाजा सिटी में कम से कम 43 फलस्तीनी मारे गए हैं। शिफा अस्पताल ने कहा कि उसकी मोर्चरी में 29 शव लाए गए, जिनमें से 10 लोग मदद लेने की कोशिश में मारे गए थे। रविवार सुबह अस्पतालों ने 11 और मौतों की पुष्टि की। अल-अवदा अस्पताल ने कहा कि इनमें से सात नागरिक थे जो सहायता पाने की कोशिश कर रहे थे।
‘डेथ ट्रैप’ बना नेटजारिम कॉरिडोर
गवाहों ने बताया कि इस्राइली सैनिकों ने नेटजारिम कॉरिडोर में भीड़ पर गोली चलाई। यह इलाका इस्राइली सेना के नियंत्रण में है और गाजा को बीच से काटता है। नुसेरत के रहने वाले राग़िब अबू लेबदा ने कहा— "हम भोजन लेने गए थे, लेकिन हमें गोलियों से जवाब मिला। यह मौत का जाल है।" पिछले हफ्तों में इसी कॉरिडोर में कई लोग सहायता काफिलों तक पहुंचने की कोशिश में मारे गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक एक अगस्त से अब तक करीब 65,000 लोग अपने घर छोड़ चुके हैं। केवल पिछले हफ्ते में 23,000 से ज्यादा लोगों ने पलायन किया है। युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा की 90 फीसदी से अधिक आबादी एक बार से ज्यादा विस्थापन झेल चुकी है। कई लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं और लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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भूख और मौतें बढ़ीं
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में सात वयस्कों की मौत कुपोषण और भूख से हुई है। मंत्रालय के अनुसार जून से अब तक कुल 215 वयस्कों की मौत भूख से हुई है। इसके अलावा अक्टूबर 2023 से अब तक 124 बच्चों की मौत भी इसी वजह से हुई है।
अब तक 63 हजार से ज्यादा मौतें
गाज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 63,371 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें से आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह आंकड़े उसके अस्पतालों और डॉक्टरों से मिले हैं। हालांकि इस्राइल इन आंकड़ों पर सवाल उठाता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और स्वतंत्र विशेषज्ञ इन्हें सबसे भरोसेमंद मानते हैं।
दक्षिण गाजा की ओर धकेलने का आरोप
इस्राइल ने दक्षिण गाजा में नए ढांचागत प्रोजेक्ट की घोषणा की है और कहा है कि गाजा सिटी में मदद सीमित की जा सकती है। फलस्तीनियों का आरोप है कि यह कदम उन्हें जबरन विस्थापित करने की कोशिश है। इस्राइल ने गाजा सिटी और जबालिया शरणार्थी शिविर के आसपास हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं।
गाजा में लगातार हो रहे हमलों और भूख से बिगड़ते हालात ने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों का कहना है कि उनके पास न तो पर्याप्त दवाएं हैं और न ही क्षमता कि इतने घायलों और मृतकों को संभाल सकें। दूसरी ओर, इस्राइल का कहना है कि हमास को खत्म करना ही उसका लक्ष्य है और अभियान इसी दिशा में जारी रहेगा।
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