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Manmohan Singh: 'गुड बाय, मेरे भाई, आपने मेरे बच्चों की मदद..', मलयेशियाई PM मनमोहन सिंह को याद कर हुए भावुक

Fri, 27 Dec 2024 05:57 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 27 Dec 2024 05:57 PM IST
सार

दुनिया भर के नेताओं के साथ मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नमन करते हुए एक किस्सा सोशल मीडिया पर साझा किया है। जिसमें उन्होंने एक अनकहा किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया जब वे जेल में थे तो उस समय मनमोहन सिंह ने उनके बच्चों की ट्यूशन फीस भरने की पेशकश की थी। हालांकि यह मदद की पेशकश उस समय मलेशियाई शासन को नाराज कर सकती थी।

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Goodbye, my bhai: Malaysian PM recalls how Manmohan offered scholarships for his children
मलयेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने पूर्व पीएम को किया नमन - फोटो : PTI / X / @anwaribrahim

विस्तार

मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शुक्रवार को मनमोहन सिंह को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया एक पोस्ट में उन्होंने पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री को याद किया और बताया कि कैसे भारतीय नेता ने उनके जेल में रहने के दौरान उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी। हालांकि अनवर इब्राहिम ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, लेकिन वे स्पष्ट रूप से इस भाव से प्रभावित थे। मलयेशियाई नेता 1999 से 2004 तक जेल में रहे, जब उनकी सजा पलट दी गई। इस दौरान डॉ. मनमोहन सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे।
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वे निर्विवाद रूप से ईमानदार और दृढ़ थे- इब्राहिम
एक्स पर, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को 'भारत के विश्व की आर्थिक महाशक्तियों में से एक के रूप में उभरने की दाई' के रूप में वर्णित किया। उन्होंने लिखा, 'राजनेता के तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह थोड़े अजीब हैं, लेकिन एक राष्ट्र-कर्मी के तौर पर वे निर्विवाद रूप से ईमानदार, दृढ़ थे। वे अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।' 'मेरे लिए, वे वह सब कुछ होंगे और उससे भी कहीं ज्यादा। बहुत से लोग यह नहीं जानते, और अब समय आ गया है कि मैं इसे मलयेशियाई लोगों के साथ साझा करूं: मेरे कारावास के वर्षों के दौरान, उन्होंने ऐसी दयालुता दिखाई, जिसकी उन्हें जरूरत नहीं थी... उन्होंने मेरे बच्चों, खास तौर पर मेरे बेटे इहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की।
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'उन्होंने असाधारण मानवता और उदारता को दर्शाया'
मलयेशियाई प्रधानमंत्री ने लिखा, 'हालांकि मैंने इस शानदार पेशकश को अस्वीकार कर दिया था, लेकिन इस तरह के इशारे ने निस्संदेह उनकी असाधारण मानवता और उदारता को दर्शाया, जैसा कि बार्ड ने कहा होगा, एक ऐसे व्यक्ति का प्रदर्शन जो 'मानवीय दयालुता' से भरा हुआ है। उन्होंने लिखा, उन काले दिनों में, जब मैं कारावास की भूलभुलैया से गुजर रहा था, वे एक सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। शांत उदारता के ऐसे कार्य उन्हें परिभाषित करते हैं, और वे हमेशा मेरे दिल में अंकित रहेंगे। अलविदा, मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।

मलयेशियाई प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर किया पोस्ट
मलयेशियाई प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर अपने भारी दुख का वर्णन करते हुए शुरुआत की। 'मेरे सम्मानित और प्रिय मित्र: डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर सुनकर मुझ पर दुख का बोझ बढ़ गया है।' उन्होंने कहा, 'इस महान व्यक्ति के बारे में निश्चित रूप से बहुत सारी श्रद्धांजलि, निबंध और किताबें होंगी, जो उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के निर्माता के रूप में याद करेंगी। प्रधानमंत्री के रूप में, डॉ. मनमोहन सिंह भारत के दुनिया के आर्थिक दिग्गजों में से एक के रूप में उभरने में सहायक थे।'
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