{"_id":"697b00c28a172cd4c2011294","slug":"gaza-peace-deal-india-express-appreciation-to-us-in-addressing-long-standing-issue-of-gaza-conflict-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gaza Conflict: भारत ने की गाजा संघर्ष सुलझाने के प्रयासों के लिए अमेरिका की तारीफ, ट्रंप का नहीं किया जिक्र","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Gaza Conflict: भारत ने की गाजा संघर्ष सुलझाने के प्रयासों के लिए अमेरिका की तारीफ, ट्रंप का नहीं किया जिक्र
Thu, 29 Jan 2026 12:10 PM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: लव गौर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:10 PM IST
सार
Gaza Conflict: गाजा में जारी संघर्ष अब थमने की कगार पर है। हालांकि बीच-बीच में गोलीबारी की खबरे सामने आती है, लेकिन अब शांति के अगले चरण पर काम किया जा रहा है। इस बीच भारत ने गाजा संघर्ष सुलझाने के प्रयासों के लिए अमेरिका की तारीफ है। हालांकि इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र नहीं किया।
विज्ञापन
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश का बयान।
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच चल रही जंग में हजारों की संख्या में लोगों की जान गई है। इस संघर्ष में गाजा पूरी तरह तबाह हो गया। हालांकि अमेरिका के प्रयासों के चलते करीब दो साल से जारी जंग अब थम चुकी है और संघर्ष विराम की घोषणा भी की गई, लेकिन बीच-बीच में बमबारी की घटनाएं सामने आती रहती है। इस बीच गाजा में शांति समझौता दूसरे चरण में पहुंच गया है। ऐसे में भारत ने अमेरिका के इस कदम की सराहना की है।
भारत ने की अमेरिका की तारीफ
भारत ने गाजा में 'लंबे समय से चले आ रहे' संघर्ष को संबोधित करने के लिए अमेरिका की तारीफ की। नई दिल्ली ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के कार्यान्वयन के संबंध में हाल ही में हुई प्रगति पर ध्यान दिया। जिसमें बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरीश ने हिस्सा लिया।
परवथानेनी हरीश ने मध्य पूर्व की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में अपने संबोधन में कहा कि गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के कार्यान्वयन के संबंध में हाल ही में हुई प्रगति पर भारत का ध्यान है। भारत इस अवसर पर इस दीर्घकालिक मुद्दे को सुलझाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति आभार भी व्यक्त करता है।
विज्ञापन
पिछले साल नवंबर में अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 29 सितंबर 2025 की 'गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना' का समर्थन किया, जिसमें कहा गया है कि 'गाजा एक आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र होगा जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा नहीं पैदा करेगा' और गाजा के लोगों के लाभ के लिए इसका पुनर्विकास किया जाएगा।
'शांति बोर्ड' की स्थापना का स्वागत
इस प्रस्ताव में एक 'शांति बोर्ड' (बीओपी) की स्थापना का भी स्वागत किया गया, जो एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यक्तित्व वाला "संक्रमणकालीन प्रशासन" होगा और व्यापक योजना के अनुसार गाजा के पुनर्विकास के लिए ढांचा तैयार करेगा और वित्तपोषण का समन्वय करेगा।
परवथानेनी हरीश ने कहा कि गाजा का पुनर्निर्माण और आर्थिक सुधार व सार्वजनिक सेवाओं और मानवीय सहायता की बहाली एक अत्यंत कठिन कार्य है, जिसके लिए फलस्तीनी भाइयों और बहनों के दर्द और पीड़ा को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निरंतर समर्थन और प्रतिबद्धता की जरूरत है।
उन्होंने कहा, 'साथ ही, हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि आतंकवाद का सभ्य समाजों में कोई स्थान नहीं है और इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की जानी चाहिए।'
नवीन दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर
इस बात पर जोर देते हुए कि गाजा में आवश्यक पुनर्निर्माण का पैमाना बहुत बड़ा है भारत ने कहा कि यूएनओपीएस (संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय) का अनुमान है कि गाजा में 60 मिलियन टन मलबा है। उन्होंने ने कहा, 'मलबे में हानिकारक पदार्थ भी मौजूद हैं। इसलिए इस स्थिति से निपटने में पारंपरिक पुनर्निर्माण मॉडल सीमित साबित होंगे। तकनीकी सटीकता के साथ एक नवीन दृष्टिकोण की आवश्यकता है।'
भारत ने आगे कहा कि गाजा में मानवीय स्थिति में क्रमिक सुधार हुआ है, लेकिन भीषण सर्दी और विनाश की व्यापकता इस कार्य को कठिन बनाए हुए है। इसी के साथ भारत ने सुरक्षित मानवीय सहायता पहुंचाने की अपनी अपील भी दोहराई।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
भारत ने की अमेरिका की तारीफ
भारत ने गाजा में 'लंबे समय से चले आ रहे' संघर्ष को संबोधित करने के लिए अमेरिका की तारीफ की। नई दिल्ली ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के कार्यान्वयन के संबंध में हाल ही में हुई प्रगति पर ध्यान दिया। जिसमें बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरीश ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
परवथानेनी हरीश ने मध्य पूर्व की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में अपने संबोधन में कहा कि गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के कार्यान्वयन के संबंध में हाल ही में हुई प्रगति पर भारत का ध्यान है। भारत इस अवसर पर इस दीर्घकालिक मुद्दे को सुलझाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति आभार भी व्यक्त करता है।
विज्ञापन
पिछले साल नवंबर में अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 29 सितंबर 2025 की 'गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना' का समर्थन किया, जिसमें कहा गया है कि 'गाजा एक आतंकवाद-मुक्त क्षेत्र होगा जो अपने पड़ोसियों के लिए कोई खतरा नहीं पैदा करेगा' और गाजा के लोगों के लाभ के लिए इसका पुनर्विकास किया जाएगा।
'शांति बोर्ड' की स्थापना का स्वागत
इस प्रस्ताव में एक 'शांति बोर्ड' (बीओपी) की स्थापना का भी स्वागत किया गया, जो एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यक्तित्व वाला "संक्रमणकालीन प्रशासन" होगा और व्यापक योजना के अनुसार गाजा के पुनर्विकास के लिए ढांचा तैयार करेगा और वित्तपोषण का समन्वय करेगा।
परवथानेनी हरीश ने कहा कि गाजा का पुनर्निर्माण और आर्थिक सुधार व सार्वजनिक सेवाओं और मानवीय सहायता की बहाली एक अत्यंत कठिन कार्य है, जिसके लिए फलस्तीनी भाइयों और बहनों के दर्द और पीड़ा को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निरंतर समर्थन और प्रतिबद्धता की जरूरत है।
उन्होंने कहा, 'साथ ही, हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि आतंकवाद का सभ्य समाजों में कोई स्थान नहीं है और इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की जानी चाहिए।'
नवीन दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर
इस बात पर जोर देते हुए कि गाजा में आवश्यक पुनर्निर्माण का पैमाना बहुत बड़ा है भारत ने कहा कि यूएनओपीएस (संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय) का अनुमान है कि गाजा में 60 मिलियन टन मलबा है। उन्होंने ने कहा, 'मलबे में हानिकारक पदार्थ भी मौजूद हैं। इसलिए इस स्थिति से निपटने में पारंपरिक पुनर्निर्माण मॉडल सीमित साबित होंगे। तकनीकी सटीकता के साथ एक नवीन दृष्टिकोण की आवश्यकता है।'
भारत ने आगे कहा कि गाजा में मानवीय स्थिति में क्रमिक सुधार हुआ है, लेकिन भीषण सर्दी और विनाश की व्यापकता इस कार्य को कठिन बनाए हुए है। इसी के साथ भारत ने सुरक्षित मानवीय सहायता पहुंचाने की अपनी अपील भी दोहराई।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन