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France: 55 साल में 89 नाबालिगों से यौन शोषण, फ्रांस में आरोपी का नाम सार्वजनिक; ऐसे खुली दरिंदगी की कहानी
Wed, 11 Feb 2026 02:00 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 11 Feb 2026 02:00 AM IST
सार
पेलिकॉट केस जैसे बड़े यौन अपराध के बाद फ्रांस में यौन शोषण का सबसे भयावह मामला सामने आया है। इस अपराध का नेटवर्क दुनिया के कई देशों में फैला था और 55 वर्षों तक 89 नाबालिगों को शिकार बनाया गया। जानें, कैसे इस दरिंदगी का खुलासा हुआ?
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फ्रांस में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। एक 79 वर्षीय व्यक्ति पर आरोप है कि उसने 55 वर्षों के दौरान 89 नाबालिग लड़कों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण किया। इस मामले में फ्रांस के अभियोजकों ने अब आरोपी का नाम सार्वजनिक कर दिया है ताकि और पीड़ित सामने आ सकें। ग्रेनोबल के अभियोजक एटियेन मैन्टॉक्स ने बताया कि आरोपी का नाम जैक्स लेवेगल है। उसे फरवरी 2024 में नाबालिगों के साथ गंभीर यौन अपराधों के आरोप में औपचारिक जांच के दायरे में लिया गया था और अप्रैल 2025 से वह न्यायिक हिरासत में है।
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USB ड्राइव से खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के एक रिश्तेदार को उसकी एक USB ड्राइव मिली। इसमें आरोपी द्वारा खुद लिखी गई एक डिजिटल 'आत्मकथा' थी, जो करीब 15 वॉल्यूम में थी। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच एजेंसियों ने 1967 से 2022 के बीच हुए अपराधों की जानकारी जुटाई और अब तक 89 पीड़ितों की पहचान की है। पीड़ित उस समय 13 से 17 साल की उम्र के थे।
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नाम क्यों किया गया सार्वजनिक?
अभियोजक मैन्टॉक्स ने कहा कि फ्रांस में आमतौर पर जांच के दौरान आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, लेकिन इस मामले में ऐसा इसलिए किया गया है ताकि और पीड़ित सामने आ सकें, जिनकी पहचान अधूरी है, उन्हें खोजा जा सके। उन्होंने कहा, 'हमें लगा था कि हम बिना सार्वजनिक अपील के सभी पीड़ितों तक पहुंच जाएंगे, लेकिन हम एक दीवार से टकरा गए।'
हेल्पलाइन नंबर भी किया गया जारी
प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जो कोई भी खुद को पीड़ित मानता है या इस मामले से जुड़ी जानकारी रखता है, उससे संपर्क करने की अपील की गई है। अभियोजक ने कहा कि आरोपी की उम्र ज्यादा है और अपराधों का समय बहुत पुराना है, इसलिए जल्दी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
कई देशों में अपराध के आरोप
जांच में सामने आया है कि कथित अपराध सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं थे। आरोपी के दस्तावेजों में कई देशों का भी जिक्र है। इसमें जर्मनी, स्विट्जरलैंड, पुर्तगाल, मोरक्को, अल्जीरिया, नाइजर, फिलीपींस, भारत, कोलंबिया, न्यू कैलेडोनिया (जहां आरोपी शिक्षक के रूप में काम करता था) शामिल हैं।
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परिवार के दो लोगों की हत्या कबूल
मामला और भी गंभीर तब हो गया जब अभियोजक ने बताया कि आरोपी ने अपने परिवार के दो सदस्यों की हत्या करने की बात भी कबूल की है। उसने कहा कि उसने कैंसर से पीड़ित अपनी मां को मार दिया और बाद में 92 वर्षीय चाची की भी हत्या करने की बात स्वीकार की। चाची के बारे में, मैन्टॉक्स ने कहा कि संदिग्ध ने जांचकर्ताओं को बताया कि 'क्योंकि उसे सेवेनेस लौटना था और उसने उससे न जाने की विनती की थी, इसलिए उसने उसे भी मौत के घाट उतारने का फैसला किया।' इन मामलों की अलग से जांच चल रही है।
पेलिकॉट केस के बाद नए खुलासे से हड़कंप
फ्रांस इससे पहले भी पेलिकॉट केस जैसे बड़े यौन अपराध मामलों से हिल चुका है। पेलिकॉट केस- जो हाल ही में देश में हुए यौन हिंसा के सबसे चौंकाने वाले मुकदमों में से एक है। इस मामले में एक पति को अपनी पत्नी को नशीली दवा देकर कई वर्षों तक दर्जनों पुरुषों से दुष्कर्म करवाने का दोषी ठहराया गया था। दोनों मामलों में डिजिटल सबूतों ने अहम भूमिका निभाई है।
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USB ड्राइव से खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के एक रिश्तेदार को उसकी एक USB ड्राइव मिली। इसमें आरोपी द्वारा खुद लिखी गई एक डिजिटल 'आत्मकथा' थी, जो करीब 15 वॉल्यूम में थी। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच एजेंसियों ने 1967 से 2022 के बीच हुए अपराधों की जानकारी जुटाई और अब तक 89 पीड़ितों की पहचान की है। पीड़ित उस समय 13 से 17 साल की उम्र के थे।
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नाम क्यों किया गया सार्वजनिक?
अभियोजक मैन्टॉक्स ने कहा कि फ्रांस में आमतौर पर जांच के दौरान आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, लेकिन इस मामले में ऐसा इसलिए किया गया है ताकि और पीड़ित सामने आ सकें, जिनकी पहचान अधूरी है, उन्हें खोजा जा सके। उन्होंने कहा, 'हमें लगा था कि हम बिना सार्वजनिक अपील के सभी पीड़ितों तक पहुंच जाएंगे, लेकिन हम एक दीवार से टकरा गए।'
हेल्पलाइन नंबर भी किया गया जारी
प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जो कोई भी खुद को पीड़ित मानता है या इस मामले से जुड़ी जानकारी रखता है, उससे संपर्क करने की अपील की गई है। अभियोजक ने कहा कि आरोपी की उम्र ज्यादा है और अपराधों का समय बहुत पुराना है, इसलिए जल्दी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
कई देशों में अपराध के आरोप
जांच में सामने आया है कि कथित अपराध सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं थे। आरोपी के दस्तावेजों में कई देशों का भी जिक्र है। इसमें जर्मनी, स्विट्जरलैंड, पुर्तगाल, मोरक्को, अल्जीरिया, नाइजर, फिलीपींस, भारत, कोलंबिया, न्यू कैलेडोनिया (जहां आरोपी शिक्षक के रूप में काम करता था) शामिल हैं।
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परिवार के दो लोगों की हत्या कबूल
मामला और भी गंभीर तब हो गया जब अभियोजक ने बताया कि आरोपी ने अपने परिवार के दो सदस्यों की हत्या करने की बात भी कबूल की है। उसने कहा कि उसने कैंसर से पीड़ित अपनी मां को मार दिया और बाद में 92 वर्षीय चाची की भी हत्या करने की बात स्वीकार की। चाची के बारे में, मैन्टॉक्स ने कहा कि संदिग्ध ने जांचकर्ताओं को बताया कि 'क्योंकि उसे सेवेनेस लौटना था और उसने उससे न जाने की विनती की थी, इसलिए उसने उसे भी मौत के घाट उतारने का फैसला किया।' इन मामलों की अलग से जांच चल रही है।
पेलिकॉट केस के बाद नए खुलासे से हड़कंप
फ्रांस इससे पहले भी पेलिकॉट केस जैसे बड़े यौन अपराध मामलों से हिल चुका है। पेलिकॉट केस- जो हाल ही में देश में हुए यौन हिंसा के सबसे चौंकाने वाले मुकदमों में से एक है। इस मामले में एक पति को अपनी पत्नी को नशीली दवा देकर कई वर्षों तक दर्जनों पुरुषों से दुष्कर्म करवाने का दोषी ठहराया गया था। दोनों मामलों में डिजिटल सबूतों ने अहम भूमिका निभाई है।
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