{"_id":"66075332333b39d00a0b9469","slug":"former-south-african-president-zuma-debarred-from-general-elections-2024-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"South Africa: पूर्व राष्ट्रपति जुमा पर लगाया आम चुनाव में भाग लेने प्रतिबंध, ये है पूरा प्रकरण","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
South Africa: पूर्व राष्ट्रपति जुमा पर लगाया आम चुनाव में भाग लेने प्रतिबंध, ये है पूरा प्रकरण
Sat, 30 Mar 2024 05:18 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहान्सबर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहान्सबर्ग
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2024 05:18 AM IST
सार
जुमा एएनसी के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं, जिसमें वह बचपन में शामिल हुए थे। वह इस पार्टी में लगभग एक दशक तक अध्यक्ष रहे। इसके साथ उनको भ्रष्टाचार के मुकदमे का भी सामना करना पड़ रहा है, जो एक दशक से अधिक समय से चल रहा है।
विज्ञापन
जैकब जुमा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को 29 मई को होने वाले दक्षिण अफ्रीका के आम चुनाव में उम्मीदवार के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है। हालांकि चुनाव आयोग (आईईसी) ने शुक्रवार को कहा कि उनके आपराधिक रिकॉर्ड के कारण यह फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
गौरतलब है, कि आयोग ने बृहस्पतिवार को एक मीडिया ब्रीफिंग की थी, जिसमें बताया था कि उसने 29 मई के चुनावों में जुमा की उम्मीदवारी के खिलाफ दर्ज आपत्ति को कायम रखा है।
विज्ञापन
बता दें कि 2018 में जुमा की ही पार्टी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने उन्हें राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का कहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में 2021 में 15 महीने जेल की सजा सुना दी।
विज्ञापन
दरअसल, जुमा का कनेक्शन एक भारतीय गुप्ता परिवार से जोड़ा गया था। ऐसा आरोप है कि गुप्ता का कथित तौर पर जुमा की कैबिनेट नियुक्तियों पर प्रभाव था इक्कासी-वर्षीय जुमा के पास आयोग के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए दो अप्रैल तक का समय है।
जुमा एएनसी के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं, जिसमें वह बचपन में शामिल हुए थे। वह इस पार्टी में लगभग एक दशक तक अध्यक्ष रहे। इसके साथ उनको भ्रष्टाचार के मुकदमे का भी सामना करना पड़ रहा है, जो एक दशक से अधिक समय से चल रहा है। पिछले हफ्ते, वह कथित पक्षपात के मुकदमे में अभियोजक को बाहर करने की बोली हार गए।