US: 'कंपनी ने चीन के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को किया कमजोर', फेसबुक की पूर्व अधिकारी का आरोप
US: फेसबुक (अब मेटा) की पूर्व अधिकारी सारा विन-विलियम्स ने अमेरिकी सीनेट में गवाही देते हुए मेटा पर आरोप लगाया कि कंपनी ने चीन में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया और चीन को अमेरिका के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि मेटा के अधिकारियों ने कर्मचारियों और अमेरिकी जनता से झूठ बोला।
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फेसबुक (अब मेटा) की पूर्व अधिकारी सारा विन-विलियम्स ने अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति के सामने गवाही दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा ने चीन में कारोबार बढ़ाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया और वहां की सरकार को व्यापार को बढ़ाने के लिए अमेरिका के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयासों की जानकारी दी।
विन-विलियम्स ने लिखित गवाही में कहा, हम चीन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बहुत बड़ी प्रतिस्पर्धा में शामिल हैं। जब मैं मेटा (फेसबुक) में थी, तब कंपनी के अधिकारियों ने यह बात छिपाई कि वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ क्या कर रहे थे। उन्होंने कर्मचारियों, शेयरधारकों, अमेरिकी संसद और आम जनता से झूठ बोला।
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उनकी किताब 'केयरलेस पीपल' की पहले ही हफ्ते में 60 हजार प्रतियां बिकीं। इसने अमेजन की बेस्ट सेलर सूची में शीर्ष-10 में जगह बनाई। किताब में फेसबुक में बिताए गए उनके वक्त की चौंकाने वाली घटनाओं का जिक्र है। उन्होंने बताया कि मेटा ने इस किताब को बदनाम करने और उन्हें कंपनी से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में बोलने से रोकने की कोशिश की। सुनवाई के दौरान कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि मेटा ने इस पूर्व अधिकारी को चुप करान के लिए धमकियों और डराने का अभियान चलाया।
विन-विलियम्स ने 2011 से 2017 तक फेसबुक (जो अब मेटा है) में ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर के रूप में काम किया था। बाद में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
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अपने बयान में विन-विलियम्स ने कहा, इन सात वर्षों के दौरान मैंने मेटा के अधिकारियों को कई बार अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर करते और अमेरिकी मूल्यों से धोखा करते देखा। उन्होंने ये सब गोपनीय तरीके से किया, ताकि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार की नजरों में अच्छा बन सकें और चीन में 18 अरब डॉलर का कारोबार खड़ा कर सकें।
यह सुनवाई मेटा के खिलाफ चल रही बड़ी कानूनी सुनवाई से कुछ दिन पहले हुई है। संघीय व्यापार आयोग का मामला इतना बड़ा है कि इससे मेटा को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप्प जैसे प्लेटफॉर्म को अलग करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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