Pakistan: एक साथ कई नावों पर सवार होकर आखिर कहां पहुंचेगा पाकिस्तान?
Pakistan: अब अमेरिका यात्रा पर गए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने खंडन किया है कि पाकिस्तान रूस से रियायती दर पर ऊर्जा ‘खरीद रहा है या खरीदने की कोशिश कर रहा है।’
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हफ्ते भर पहले पाकिस्तान सरकार ने एलान किया था कि उसका रूस से रियायती दर पर कच्चा तेल खरीदने को लेकर करार हो गया है। ये घोषणा पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री मुसादिक मलिक ने रूस यात्रा से लौटने के बाद यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में की थी। लेकिन अब अमेरिका यात्रा पर गए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने खंडन किया है कि पाकिस्तान रूस से रियायती दर पर ऊर्जा ‘खरीद रहा है या खरीदने की कोशिश कर रहा है।’
भुट्टो जरदारी के इस बयान यहां हैरत जताई जा रही है। यह बयान देने के पीछे पाकिस्तानी विदेश मंत्री का क्या मकसद है, इसको लेकर यहां कयास लगाए जा रहे हैं। मुसादिक मलिक ने बताया था कि रियायती दरों पर पेट्रोलियम पदार्थों की खरीदारी के बारे में बनी सहमति को रूसी ऊर्जा मंत्री की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया जाएगा। रूसी ऊर्जा मंत्री जनवरी के मध्य में यहां आने वाले हैं। मलिक ने संभावना जताई थी कि पाकिस्तान को रूस से पेट्रोलियम पदार्थ दूसरे देशों की तुलना में अधिक सस्ती दर पर मिल सकते हैं।
अब भुट्टो जरदारी ने एक अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में मलिक के बयान का सिरे से खंडन कर दिया है। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया कि पाकिस्तान को ऊर्जा असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कहा- ‘जहां तक रूस का संबंध है, हम ना तो उससे रियायती दर पर ऊर्जा खरीद रहे हैं और न ही ऐसा करने की कोशिश में हैं।’
समझा जाता है कि भुट्टो जरदारी ने अमेरिका सरकार को खुश करने के मकसद से ये बयान दिया है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक पाकिस्तान के एस्टैब्लिशमेंट (सेना और खुफिया तंत्र) में अमेरिका का गहरा प्रभाव है। जिस समय आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण शहबाज शरीफ सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, यह उसकी तरफ से चली गई एक चाल हो सकती है। संभव है कि इसके जरिए सत्ताधारी गठबंधन ने एस्टैब्लिशमेंट को और मजबूती से अपनी तरफ करने की कोशिश की हो।
टीवी इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अमेरिका से जुड़ेगा और साथ ही अमेरिका के भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी चीन के साथ भी कारोबार करता रहेगा, तो इस पर भुट्टो जरदारी ने कहा- ‘चीन हमारा पड़ोसी है। हमारा उनके साथ लंबा इतिहास है। हम दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग है- खास कर आर्थिक मोर्चे पर। साथ ही हमारा अमेरिका के साथ एतिहासिक रिश्ता है।’ इस तरह लगे हाथ भुट्टो जरदारी ने अमेरिका और चीन को भी खुश रखने की कोशिश की है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक मुसादिक मलिक की रूस यात्रा से यह साफ है कि पाकिस्तान रूस से भी फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
लेकिन यहां कूटनीतिक विशेषज्ञों के एक हलके में यह राय जताई गई है कि पश्चिमी देशों और चीन-रूस की धुरियों के बीच बढ़ती होड़ के बीच पाकिस्तान की ये रणनीति जोखिम भरी है। इससे देश की अंदरूनी राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप की संभावनाएं बढ़ रही हैं, वहीं यह आशंका भी है कि आखिर में पाकिस्तान के हाथ कुछ भी ना आए।