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China: ChatGPT के दुरुपयोग के मामले में चीन में पहली गिरफ्तारी, AI का इस्तेमाल कर फर्जी खबर फैलाने का आरोप

Mon, 08 May 2023 07:37 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 08 May 2023 07:37 PM IST
सार

उत्तर पश्चिम गांसू प्रांत की पुलिस ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, हांग उपनाम वाले संदिग्ध को 'एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर फर्जी और झूठी सूचना' गढ़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।  

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First ChatGPT arrest in China over fake train crash news
ChatGPT - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चीन की पुलिस ने कथित तौर पर ऑनलाइन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि व्यक्ति ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल करके ट्रेन दुर्घटना की फर्जी सूचना गढ़ी और विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रसारित की। चैटजीपीटी के दुरुपयोग के मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। 

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उत्तर पश्चिम गांसू प्रांत की पुलिस ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, हांग उपनाम वाले संदिग्ध को 'एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर फर्जी और झूठी सूचना' गढ़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।  
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हांगकांग से प्रकाशित 'साउथ मॉर्निंग पोस्ट' अखबार में छपी खबर के मुताबिक, काउंटी पुलिस ब्यूरो के साइबर प्रकोष्ठ का सबसे पहले ध्यान इस खबर पर गया जिसमें दावा किया गया था कि 25 अप्रैल को लोकल ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से नौ लोगों की मौत हुई थी।
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अखबार के मुताबिक, कांगटांग काउंटी के साइबर सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि यह रेल दुर्घटना संबंधी खबर 'बाइजियाहो' पर 20 से अधिक अकाउंट्स के जरिए प्रसारित की गई है।  'बाइजियाहो' ब्लॉग सरीखा मंच है जिसका संचालक चीन का सर्च इंजन 'बाइदू'है। खबर के मुताबिक,  जब अधिकारियों का ध्यान इस लेख की ओर गया तब तक 15 हजार से अधिक यूजर्स इसे लाइक कर चुके थे।

गांसू के जन सुरक्षा विभाग ने कहा कि हांग पर 'संघर्ष को बढ़ावा देने और झगड़े को उकसाने' का अपराध करने का संदेह है। अपराध साबित होने पर अधिकतम पांच साल कैद की सजा हो सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को 10 साल तक कैद हो सकती है और उसे अतिरिक्त जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।


साउथ मार्निंग पोस्ट अखबार के अनुसार इस साल जनवरी में ‘फर्जी’ जानकारी प्रसारित करने वाली प्रौद्योगकियों को विनियमित किए जाने के बाद पहली बार है जब चीन के अधिकारियों ने ऐसे मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की है।

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