{"_id":"5fe3778c38158619302b6357","slug":"fines-on-a-person-in-pakistan-who-says-covid19-is-fake-pandemic","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान में कोविड-19 महामारी को फर्जी बताने वाले व्यक्ति पर जुर्माना","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान में कोविड-19 महामारी को फर्जी बताने वाले व्यक्ति पर जुर्माना
Wed, 23 Dec 2020 10:30 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 23 Dec 2020 10:30 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान का झंडा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान की एक अदालत ने एक व्यक्ति पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है जिसने यह याचिका दायर की थी कि कोविड-19 महामारी का अस्तित्व नहीं है इसलिए सरकार को इसके लिए टीका नहीं खरीदना चाहिए।
विज्ञापन
लाहौर उच्च न्यायालय ने मंगलवार को याचिकाकर्ता अजहर अब्बास पर जुर्माना लगाया और भविष्य में ऐसी याचिका दायर करने के प्रति उसे चेतावनी दी। एसी की मरम्मत करने का काम करने वाले अब्बास ने याचिका में कहा था कि कोरोना वायरस एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है और लोगों के हाथ मिलाने से यह नहीं फैलता।
विज्ञापन
उसने कहा कि कोविड-19 के लक्षण दशकों पहले से ही मौजूद हैं और वह जानलेवा नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश मुहम्मद कासिम खान ने याचिकाकर्ता से बार-बार कहा कि वह हवाई बातें करने की बजाय अपनी दलील के समर्थन में चिकित्सकीय साक्ष्य पेश करे।
विज्ञापन
अब्बास कोई तर्कपूर्ण जवाब देने में असफल रहा और कहता रहा कि यह मुस्लिमों के प्रति एक अंतरराष्ट्रीय साजिश है। उसने अदालत से यह भी कहा कि वह सरकार को कोरोना वायरस का टीका खरीदने से रोके।
मुख्य न्यायाधीश ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दो लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने समाज में भय पैदा करने की कोशिश की।