PoK: मुजफ्फराबाद सहित कई शहरों में उग्र प्रदर्शन, सुरक्षाबलों पर पथराव; आंसू गैस के गोलों का लेना पड़ा सहारा
राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे पीओके में धारा 144 लागू कर दी थी। 10 और 11 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां घोषित की गई। हालांकि, मुजफ्फराबाद डिवीजन के तीन जिलों में बैंक सहित सभी व्यवसाय बंद रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई। नौबत पथराव और आंसू गैस चलाने तक की आ गई। झड़प के कारण मस्जिद और घरों में लोग परेशान हो गए। हड़ताल के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राजाधानी मुजफ्फराबाद में हड़ताल के दौरान व्यवसाए बंद रहे। जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। राजधानी मुजफ्फराबाद के अलावा, समहनी, सेहंसा, मीरपुर, रावलकोट, खुइरत्ता, तत्तापानी, हट्टियन बाला में भी विरोध प्रदर्शन हुआ।
पिछले माह ही घोषित कर दिया था हड़ताल
जेकेजेएसी का यह प्रदर्शन पुलिस की उस कार्रवाई के बाद किया गया, जिसमें पुलिस ने मुजफ्फराबाद और मीरपुर डिवीजनों के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार को रात भर छापेमारी की और जेकेजेएसी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इसके बाद जेकेजेएसी ने शुक्रवार को हड़ताल का आह्वान किया। जेकेजेएसी नेताओं का कहना है कि समिति ने पिछले महीने ही घोषणा की थी कि 11 मई को राज्यभर में प्रदर्शन किया जाएगा। लोग मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि यह विरोध बिजली बिलों पर लगाए गए जबरन कर का विरोध करने के कारण था। पिछले साल भी ऐसा ही हड़ताल किया गया था।
पीओके के मुख्य सचिव ने इस्लामाबाद से मांगा अतिरिक्त सुरक्षा बल
इन सबके बीच, जानकारी मिली की पीओके के मुख्य सचिव दाऊद मुहम्मद बाराच ने इस्लामाबाद में आतंरिक प्रभाग के सचिव को पत्र लिखा। उन्होंने 11 मई की हड़ताल के कारण सुरक्षा के लिए छह सीएएफ प्लाटून की मांग की थी। 22 अप्रैल को लिखे पत्र में बाराच ने कहा था कि हमें 11 मई से शटडाउन और चक्काजाम का सामना करना पड़ेगा। उप राष्ट्रवादियों और असंतुष्ट तत्वों ने इसका आह्वान किया है। उनका इरादा है कि वे बाजारों को जबरन बंद करें और सार्वजनिक सेवा वितरण को बाधित करें। इससे कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए तीन माह के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल मुहैया कराए जाएं।
दो दिन के लिए शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां
राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे पीओके में धारा 144 लागू कर दी थी। 10 और 11 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां घोषित की गई। हालांकि, पीओके के सभी जिलों में लोग हजारों की संख्या में सड़क पर उतर आए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को मुजफ्फराबाद डिवीजन के तीन जिलों में बैंक सहित सभी व्यवसाय बंद रहे। यातायात और विक्रेता सड़कों से नदारद रहे।