US: फेडरल रिजर्व प्रमुख बोले- ट्रंप के टैरिफ से बढ़ सकती है मुद्रास्फीति, आर्थिक विकास धीमा होने की संभावना
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपने नए टैरिफ की घोषणा कर दी है। ट्रंप के टैरिफ पर यूएस फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि नए टैरिफ से मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास धीमा होने की संभावना है।
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यूएस फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ से मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास धीमा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का टैरिफ फेडरल रिजर्व कीमतों में बढ़ोतरी को अस्थायी रखने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
फेडरल रिजर्व अध्यक्ष पॉवेल ने कहा कि टैरिफ और उनके प्रभाव अर्थव्यवस्था तथा मुद्रास्फीति पर उम्मीद से कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयात करों के कारण 'मुद्रास्फीति में अस्थायी वृद्धि' होने की संभावना है, लेकिन इस बात की भी संभावना है कि प्रभाव अधिक स्थायी हो सकते हैं। अर्लिंग्टन में दिए एक भाषण में उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना है कि मूल्य स्तर में एक बार की बढ़तरी मुद्रास्फीति की समस्या न बने।'
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वॉल स्ट्रीट निवेशकों को हो सकती है निराशा
पॉवेल की टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि फेड आने वाले महीनों में अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को लगभग 4.3% पर स्थिर रखेगा। इससे वॉल स्ट्रीट के निवेशकों को निराशा हो सकती है, जो इस साल ब्याज दरों में पांच कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के बाद यह संख्या बढ़ गई है।
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अर्थव्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं टैरिफ
अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि टैरिफ अर्थव्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं। यह संभवत: भर्ती को खतरे में डालेंगे, और कीमतों को बढ़ाएंगे। ऐसे में, फेड अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ब्याज दरों में कटौती कर सकता है या मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, पॉवेल की टिप्पणियों से पता चलता है कि फेड मुख्य रूप से मुद्रास्फीति पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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