US: अदालत से ट्रंप को झटका, जज ने कहा- विदेश सेवा कर्मचारियों से उनके सामूहिक बातचीत के अधिकार नहीं छीन सकते
अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल फ्राइडमैन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है, जिसे उन्होंने 27 मार्च को हस्ताक्षरित किया था। इस आदेश के तहत विदेश सेवा कर्मचारियों से संघ बनाने और उनके सामूहिक बातचीत के अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है। ट्रंप के इस आदेश को अमेरिकी विदेश सेवा संघ ने अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने श्रमिक संघ की आदेश पर रोक लगाने की मांग को मान लिया है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से झटका लगा है। एक संघीय न्यायाधीश ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन के उस फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें विदेश सेवा कर्मचारियों से उनके सामूहिक बातचीत के अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही थी।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल फ्राइडमैन ने एक संघीय श्रमिक संघ की प्रारंभिक निषेधाज्ञा की मांग मान ली, जिसमें उन्होंने कहा है कि जब तक उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा पूरा नहीं होता, तब तक ट्रंप प्रशासन उनके अधिकारों पर रोक नहीं लगा सकता। यह कार्यकारी आदेश 27 मार्च को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था, जिसे अमेरिकी विदेश सेवा संघ ने अदालत में चुनौती दी। यह संघ विदेश सेवा के 18,000 से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है। संघ ने कार्यकारी आदेश पर ट्रंप प्रशासन को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया।
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ट्रंप के आदेश ने उलटे श्रम-प्रबंधन संबंध: संघ
संघ का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश ने विदेश सेवा में दशकों से चले आ रहे स्थिर श्रम-प्रबंधन संबंधों को उलट दिया है। ट्रंप का यह आदेश विदेश विभाग और यूए एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के सभी सदस्यों को उस कानून से बाहर करता है, जो उन्हें सामहूक रूप से संगठित होने और बातचीत करने का अधिकार देता है।
ठीक से काम नहीं कर पा रही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां: सरकारी वकील
सरकारी वकीलों का कहना है कि ट्रंप का मानना है कि जिन एजेंसियों का काम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, वे संघ के साथ किए गए समझौतों की वजह से ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं और इससे जनता के हितों की रक्षा नहीं हो पा रही है। सरकारी वकीलों ने कहा कि राष्ट्रपति के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें जनता ने चुना है। वहीं, वादी के वकीलों ने दावा किया है कि ट्रंप ने श्रमिक संघों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के लिए कार्यकारी आदेश जारी किया है, न कि राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्य को हासिल करने के लिए।
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प्रशासन काम करने की शर्तों और रोजगार में कर रहा बदलाव
संघ के वकीलों का कहना है कि विदेश सेवा कर्मचारियों से ऐसे समय में उनका संघ बनाने और बातचीत करने का अधिकार छीन लिया गया है, जब प्रशासन कर्मचारियों की काम करने की शर्तों और रोजगार में निरंतर बदलाव कर रहा है। पिछले महीने भी, एक अलग मामले में न्यायाधीश फ्राइडमैन ने सरकार को संघीय कर्मचारियों से सामूहिक बातचीत का अधिकार छीनने से अस्थायी रूप से रोक दिया था।
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