फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Fake news and abuses against candidates are being used on social media in Japan elections

नई डियेट के लिए मतदान: जापान के चुनाव में फेक न्यूज और गाली-गलौच की ऑनलाइन आंधी

Wed, 27 Oct 2021 06:43 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 27 Oct 2021 06:43 PM IST
सार

जापानी राजनीति के जानकारों का कहना है कि जब ऑनलाइन प्रचार नहीं होता था, तब भी चुनाव के दौरान अपुष्ट सूचनाएं फैलाई जाती थीं। उनका मकसद भी किसी उम्मीदवार की संभावनाओं को बिगाड़ना होता था। लेकिन आठ साल पहले जब ऑनलाइन प्रचार की इजाजत दी गई, तब से ऐसी सूचनाओं को फैलाने की दर काफी बढ़ गई है...

विज्ञापन
Fake news and abuses against candidates are being used on social media in Japan elections
जापान संसद - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अगले रविवार (31 अक्टूबर) को जापान में नई डियेट (संसद) चुनने के लिए मतदान होगा। इस समय देश में चुनाव प्रचार जोरों पर है। इस बीच एक खास बात यह देखने को मिली है कि इस बार चुनाव में फेक न्यूज (झूठी खबरों) और उम्मीदवारों के खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल की आंधी-सी आई हुई है। खास कर ऐसा सोशल मीडिया पर हो रहा है।

विज्ञापन


जापानी राजनीति के जानकारों का कहना है कि जब ऑनलाइन प्रचार नहीं होता था, तब भी चुनाव के दौरान अपुष्ट सूचनाएं फैलाई जाती थीं। उनका मकसद भी किसी उम्मीदवार की संभावनाओं को बिगाड़ना होता था। लेकिन आठ साल पहले जब ऑनलाइन प्रचार की इजाजत दी गई, तब से ऐसी सूचनाओं को फैलाने की दर काफी बढ़ गई है। इस बार यह देखने को मिला है कि सोशल मीडिया पर धुआंधार प्रचार के लिए खास कंपनियां बना ली गई हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवार उन कंपनियों की मदद ले रहे हैं।
विज्ञापन


जापान के चुनाव कानून के मुताबिक प्रचार में गलत सूचनाएं फैलाना अपराध है। इसके मुताबिक किसी उम्मीदवार को हराने के लिए उसके बारे में झूठी बातों का इस्तेमाल प्रचार अभियान में नहीं हो सकता है। लेकिन टोक्यो के अखबार जापान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक इस समय इंटरनेट पर ऐसी सूचनाओं की भरमार है। ऐसे पोस्ट और उन पर दिए गए कमेंट ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद हैं, जिनकी पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे कई जगहों पर मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोशल मीडिया कंपनियों का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन टिप्पणियों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। ऐसा उन्होंने 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से सबक लेते हुए किया है। याहू न्यूज ने जापान में अपनी साइट पर एक बयान पोस्ट कर रखा है, जिसमें यूजर्स से कहा गया है कि राजनीतिक खबरों पर टिप्पणी करते हुए वे ध्यान रखें कि उनकी बात कानून का उल्लंघन न करती हो। लेकिन यूजर सचमुच ऐसा कर रहे हैं, इसे सुनिश्चित करने का कोई सिस्टम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने विकसित नहीं किया है।

टोक्यो स्थित चुनाव कंसल्टेंसी कंपनी जेएजी जापान कॉर्प के प्रतिनिधि ताकुमा ओहामजाकी ने जापान टाइम्स से कहा कि उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियों की इंटरनेट पर भरमार है। अपना नाम गुप्त रखते हुए लोग पोस्ट डाल रहे हैं। मसलन, कुछ रोज पहले डियेट के लिए चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार ने देखा कि उसके चुनाव प्रचार को लेकर बिना साक्ष्य दिए गलत सूचना पोस्ट की गई है। उसमें कहा गया था कि उम्मीदवार के प्रचार वाहन में एक नाबालिग बच्चा मौजूद था।

ओहामजाकी ने कहा- इंटरनेट पर सिर्फ ऐसी सूचनाएं नहीं हैं, जिन्हें आप सच या झूठ की श्रेणी में रखें। बल्कि सच और झूठ को मिला कर गुमराह करने वाली सूचनाएं भी खूब पोस्ट की गई हैं।  


नतीजा है कि इंटरनेट पर डाली गई टिप्पणियों को लेकर इस बार अनेक उम्मीदवारों ने मानहानि के मामले दर्ज कराए हैं। संसद के ऊपरी सदन के एक विपक्षी सांसद ने कुछ दिन पहले एक कंपनी के खिलाफ ऐसा मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कंपनी एक ट्विटर अकाउंट चलाती है, जिससे फेक ट्विट किए जा रहे हैं। वैसी ही ट्विट्स से उनकी प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed