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भारत ने नेपाल को सौंपी 466 करोड़ की राशि, विदेश मंत्री जयशंकर के साथ इन मुद्दों पर हुई चर्चा
Thu, 22 Aug 2019 02:33 AM IST
Nilesh Kumar
अतुल मिश्र, काठमांडू
अतुल मिश्र, काठमांडू
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 22 Aug 2019 02:33 AM IST
सार
- भारत और नेपाल के बीच तीन साल बाद हुई अहम बैठक
- नेपाल पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर, पीएम ओली से की मुलाकात
- राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों से भी वार्ता करेंगे
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indo-Nepal meeting
- फोटो : twitter@sjaishankar
विस्तार
भारत और नेपाल के बीच संयुक्त सत्र की बैठक में पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों देशों के बीच अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर और उनके नेपाली समकक्ष प्रदीप ग्यावली ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और उनके बीच सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की। इस बैठक के तहत भारत ने नेपाल को कुल 566 करोड़ रुपये की मदद दी है।
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भारत ने विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए नेपाल को 233 करोड़ रुपये दिये। इस मदद में 2015 में आए भूकंप में नष्ट हुए घरों का पुनर्निर्माण शामिल है। इसके अलावा नुवाकोट और गोरखा जिले में आवास पुनर्निर्माण के लिए नई दिल्ली ने काठमांडू को 153 करोड़ रुपये का चेक भी सौंपा। जबकि नेपाल के तराई क्षेत्र की सड़क संरचना को मजबूत करने के लिए 80.71 करोड़ का चेक भी सौंपा गया।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर के नेपाल पहुंचने के बाद हुई बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्री, सचिव सहित विभिन्न प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। बैठक में नेपाल-भारत संबंध को सार्थक, सुदृढ़ और नेपाल के आर्थिक वृद्धि दर में सहयोग पहुंचाने के विषय पर गहन विचार विमर्श हुआ। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि तीन वर्ष के बाद हो रही इस बैठक में द्विपक्षीय संबंध के अलावा भारत सीमा सुरक्षा, आतंकवाद, नकली नोट, बाढ़ नियंत्रण जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद भारतीय पक्ष का यह पहला उच्चस्तरीय नेपाल दौरा है। कश्मीर के घटनाक्रम को देखते हुए जयशंकर को उच्च सुरक्षा प्रदान की गई है। जयशंकर अपने दो दिवसीय नेपाल दौरे में राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों से भी वार्ता करेंगे।
A warm and in-depth conversation with PM @kpsharmaoli. Really appreciate his receiving me amidst his many preoccupations. pic.twitter.com/A1zamd6Qpb
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 21, 2019