यूक्रेन संकट: यूरोपीय देशों का संगठन लगाएगा रूस पर सबसे सख्त प्रतिबंध, रूसी रक्षा मंत्री और सैन्य प्रमुख बनेंगे निशाना
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद के बीच रूस पर प्रतिबंधों का दौर भी चल रहा है। इस बीच यूरोपीय संघ रूस पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लागू करने की तैयारी में है।
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रूस और यूक्रेन के बीच संकट और भी गंभीर हो गया है। ऑस्ट्रेलिया ने दावा किया है कि रूस की सेना जल्द ही यूक्रेन पर पूर्ण रूप से आक्रमण कर सकती है। इन सबके बीच रूस पर प्रतिबंधों का सिलसिला भी जारी है। जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। वहीं, माना जा रहा है कि यूरोपीय देशों के संगठन यूरोपीय संघ (ईयू) की ओर से रूस पर लगाए गए प्रतिबंध सबसे सख्त हो सकते हैं। यूक्रेन ने भी रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने की मांग उठाई है।
यूरोपीय संघ के 27 सदस्यों ने यूक्रेन में कार्रवाई को लेकर रूसी अधिकारियों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगाने की सहमति जताई है। बुधवार को ईयू ने जिन प्रतिबंधों का एलान किया उनमें रूस के रक्षा मंत्री, रूस की वायु सेना के कमांडर इन चीफ, ब्लैक सी फ्लीट और 351 ड्यूमा प्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा सकता है। इन प्रतिबंधों पर ईयू के विदेश मंत्रियों को हस्ताक्षर करने हैं। अनुमति मिलने पर ईयू 23 लोगों, तीन बैंकों और एक इंटरनेट 'ट्रोल फैक्टरी' की संपत्तियां फ्रीज कर देगा और उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगा देगा।
ब्रिटेन ने दी है रूस पर और भी प्रतिबंध लगाने की चेतावनी
ब्रिटेन ने भी बुधवार को चेतावनी दी कि यूक्रेन पर आक्रमण की स्थिति में वह रूस पर कुछ और प्रतिबंध लगाएगा। विदेश मंत्री लिज ट्रूस ने कहा कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की ओर से मंगलवार को संसद में पांच रूसी बैंकों और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जुड़े तीन अरबपतियों के खिलाफ घोषित प्रतिबंध गंभीर हैं। हमारे पास अभी कुछ और उपाय भी हैं। हम अमेरिका, ब्रिटेन के समन्वय से प्रतिबंध लगा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो कि पुतिन हमारे सहयोगियों के बीच फूट डालो और राज करो का हथकंडा न अपना सकें।
जर्मनी रोक चुका है नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन की मंजूरी
इससे पहले जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने बाल्टिक सागर के जरिए नॉर्ड स्ट्रीम-2 गैस पाइपलाइन की मंजूरी को रोकने के फैसले का एलान किया था। दस अरब यूरो की इस बृहद परियोजना के तहत रूस को यूरोप को अधिक प्राकृतिक गैस बेचने की अनुमति मिलने की उम्मीद थी। जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार की रात को कहा था कि जी-7 के विदेश मंत्री रूस की कार्रवाई के जवाब में प्रतिबंधात्मक उपाय तेज करने पर राजी हुए। बाल्टिक देशों के रक्षा मंत्रियों ने भी विश्व नेताओं से रूस पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है।
जापान के प्रधानमंत्री ने भी कर दी रूस प्रतिबंधों की घोषणा
इससे पहले जापान के प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के उन दो अलगाववादी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनकी स्वतंत्रता को रूस ने मान्यता दी है। प्रधानमंत्री फुमियो कुशिदा ने बुधवार को कहा कि हमारी सरकार यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के जवाब में रूसी सरकार के बॉन्ड को जारी करने और इसके वितरण पर प्रतिबंध लगाएगी। जापान इन दोनों क्षेत्रों से जुड़े लोगों को वीजा जारी करने पर रोक लगाएगा, अपने यहां उनकी संपत्तियां जब्त करेगा और इलाकों के साथ व्यापार पर भी प्रतिबंध लगाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने रद्द की रूसी समकक्ष के साथ बैठक
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए जिनेवा में अपने रूसी समकक्ष के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा था कि रूस की कार्रवाई यह दिखाती है कि वह संकट के हल के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने को लेकर कतई गंभीर नहीं है। इसीलिए मैंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ गुरुवार को होने वाली बैठक रद्द कर दी है। राष्ट्रपति बाइडन ने भी कहा है कि अमेरिका रूसी बैंकों और कुलीन वर्ग के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने के आदेश दे रहा है।