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यूरोपीय संघ से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग, पश्तून के नेता और पत्रकार की हत्या का आरोप

Wed, 06 May 2020 10:09 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 06 May 2020 10:09 AM IST
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european commission urged to crack down on pakistan for killing pashtun leader exiled journalist silencing baloch
पश्तून के नेता आरिफ वजीर और पत्रकार साजिद हुसैन - फोटो : ANI

यूरोपीय संसद के सदस्यों ने यूरोपीय संघ से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई लेने की वकालत की है। पाकिस्तान पर पश्तून के नेता आरिफ वजीर और पत्रकार साजिद हुसैन की हत्या कराने का आरोप है। सांसदों ने संघ को एक चिट्ठी लिखकर अपनी बात कही है। 

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यूरोपीय संघ के अध्यक्ष उलसूला वोन देर लेयन को लिखी चिट्ठी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को आरोपी बताया है। यूरोपीय संसद के चार सदस्य हेलमट गुइकिंग, पीटर लंग्रेन, रीजार्ड और बोगडान ने मानवाधिकार के समर्थक और पत्रकार के मारे जाने पर आईएसआई की चु्प्पी पर सवाल खड़े किए हैं।
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एक मई को पश्तून तहाफुज आंदोलन का नेता आरिफ वजीर को उनके घर के बाहर कुछ अज्ञात आक्रामणकारियों ने हमला किया था। साजिद हुसैन जिन्हें पाकिस्तान से निकाल दिया गया था, स्वीडन रहने लगे थे। हुसैन कुछ हफ्तों से लापता थे और स्टाकहोल्म की एक नदी में उनका शव बरामद किया गया।  
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चिट्ठी में सदस्यों ने लिखा कि यूरोपीय संसद के सदस्य होने के नाते यूरोपीय संघ से हमारी मांग है कि पाकिस्तान के खिलाफ दो मानवाधिकार के समर्थकों की हत्या करने के जुर्म में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सदस्यों ने बताया कि ये दोनों हत्याएं पाकिस्तानी इंटेलीजेंस ने कराई है।

इसके अलावा यूरोपीय संघ के सांसदों ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के वकीलों का समर्थन लेने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच बैठाई जाए और यह भी पता किया जाए कि बलूच के सक्रियतावादी लोगों पर हमले क्यों हो रहे हैं।

चिट्ठी में लिखा गया है कि ये कोई संयोग नहीं है कि ऐसी हत्याएं उस समय हो रही हैं जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है और उससे निपटारे के लिए जरूरी कदम उठा रही है। पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी आईएसआई हमेशा मानवाधिकार के समर्थकों और पत्रकारों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर चुप रहती है।


पत्र में यह भी लिखा था कि कोरोना काल में पाकिस्तान का भेदभाव वाला रवैया देखा गया है कि कैसे बलूच के लोगों की कोरोना टेस्टिंग नहीं कराई गई और मेडिकल सप्लाई देने में भी भेदभाव किया गया।

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