फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   England to Rollout World First Seven Minute Cancer Treatment Jab News in Hindi

Cancer: दुनिया में पहली बार सात मिनट में मिलेगा कैंसर उपचार, इस देश में तीन-चौथाई तक घट जाएगा इलाज का समय

Thu, 31 Aug 2023 08:10 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 31 Aug 2023 08:10 AM IST
सार

ब्रिटिश मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी से इस इंजेक्शन को मंजूरी मिल चुकी है। मंजूरी के बाद एनएचएस इंग्लैंड का कहना है कि इससे कैंसर का इलाज काफी जल्दी किया जा सकेगा। 
 

विज्ञापन
England to Rollout World First Seven Minute Cancer Treatment Jab News in Hindi
Cancer Treatment Jab - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंग्लैंड जल्द कैंसर रोगियों के लिए सात मिनट का इलाज शुरू करने वाला है। जी हां, आपने सही पढ़ा। ब्रिटेन की सरकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) दुनिया में पहली एजेंसी होगी जो इंग्लैंड में सैकड़ों रोगियों को कैंसर का इलाज करने वाला इंजेक्शन पेश करेगी। इससे इलाज में लगने वाले समय में तीन-चौथाई तक की कटौती हो सकती है।

विज्ञापन
कम समय में मिलेगा इलाज

ब्रिटिश मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) से इसे मंजूरी मिल चुकी है। मंजूरी के बाद एनएचएस इंग्लैंड ने मंगलवार को कहा कि इम्यूनोथेरेपी, एटेजोलिजुमाब से इलाज कराने वाले सैकड़ों रोगियों को त्वचा के नीचे इंजेक्शन दिया जाएगा। इससे और बेहतर परिणाम मिल सकेंगे और कैंसर के इलाज में समय की कटौती हो सकेगी।

विज्ञापन
मरीजों की देखभाल में मदद मिलेगी

वेस्ट सफोल्क एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के सलाहकार व ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अलेक्जेंडर मार्टिन ने बताया कि इस मंजूरी से न केवल हमें अपने मरीजों की देखभाल में मदद मिलेगी, बल्कि हमारी टीमों को दिन भर में अधिक मरीजों का इलाज करने में सक्षम बनाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे होता है इलाज

इंग्लैंड की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने बताया कि  एटेजोलिजुमैब, जिसे टेकेंट्रिक भी कहा जाता है। टेकेंट्रिक एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जो कैंसर मरीजों के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर रोगियों को ड्रिप के माध्यम से सीधे उनकी नसों में दिया जाता है। परेशानी तब आती है, जब नसों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में रोगियों को ड्रिप लगाने में लगभग 30 मिनट या एक घंटे तक का समय लग जाता है। 

इस कंपनी ने बनाई दवा

रोश प्रोडक्ट्स लिमिटेड के मेडिकल डायरेक्टर मारियस शोल्ट्ज का कहना है कि सीधे नस में भेजने की विधि से अब पहले की 30 से 60 मिनट की तुलना में इसमें लगभग 7 मिनट का समय लगता है। बता दें, एटेजोलिजुमाब रोश (ROG.S) कंपनी जेनेंटेक द्वारा बनाई गई है। यह एक इम्यूनोथेरेपी दवा है, जो मरीज की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं को खोजने और नष्ट करने के लिए मजबूत और सक्षम बनाती है। वर्तमान में इसके द्वारा फेफड़े, स्तन और यकृत सहित विभिन्न प्रकार के कैंसर वाले एनएचएस रोगियों का इलाज हो रहा है।




 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed