फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   emmanuel macron troubles increased in France both left and right mobilized against pension law Updates

France: फ्रांस में मैक्रों की मुश्किलें बढ़ीं, पेंशन कानून के खिलाफ लेफ्ट और राइट दोनों लामबंद

Sun, 19 Mar 2023 08:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, पेरिस
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, पेरिस Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 19 Mar 2023 08:10 PM IST
सार

फ्रांस सरकार ने आपातकालीन प्रावधान के जरिए वह बिल पारित करा लिया, जिसके तहत देश में सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की उम्र 62 से बढ़ कर 64 वर्ष हो जाएगी। प्रधानमंत्री इलिसाबेथ बॉर्न ने गुरुवार को एलान किया था कि राष्ट्रपति ने विशेष संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रिटायरमेंट की नई उम्र को लागू करने का फैसला किया है।

विज्ञापन
emmanuel macron troubles increased in France both left and right mobilized against pension law Updates
मैक्रों - फोटो : Twitter@

विस्तार

पेंशन सुधार को लागू करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरफ से दिखाई गई जल्दबाजी के कारण उनकी सरकार अब राजनीतिक संकट में फंसती दिख रही है। मैक्रों ने राष्ट्रपति को मिले विशेष आपातकालीन अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सीनेट में यह प्रस्ताव पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की। उससे राजनीतिक हलकों से लेकर आम जन तक में भारी गुस्सा फैल गया है। फ्रांस के अलग-अलग शहरों में लाखों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतर कर इस पर विरोध जताया है। इस दौरान छिट-पुट हिंसा भी हुई है।

विज्ञापन


फ्रांस सरकार ने आपातकालीन प्रावधान के जरिए वह बिल पारित करा लिया, जिसके तहत देश में सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने की उम्र 62 से बढ़ कर 64 वर्ष हो जाएगी। प्रधानमंत्री इलिसाबेथ बॉर्न ने गुरुवार को एलान किया था कि राष्ट्रपति ने विशेष संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रिटायरमेंट की नई उम्र को लागू करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि इस बिल पर अभी नेशनल असेंबली में मतदान नहीं हुआ था। इस सदन में राष्ट्रपति की पार्टी अल्पमत में है। 
विज्ञापन


प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद मजदूर नेताओं ने देश भर में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का अह्वान कर दिया। गुरुवार रात से ही पेरिस में लोग जुटने शुरू हो गए। शुक्रवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे। ट्रेड यूनियन सीएफडीटी के नेता लौरां बर्गर ने एक बयान में कहा कि सरकार ने विशेष संवैधानिक अनुच्छेद 49.3 का सहारा लेकर यह दिखा दिया है कि उसके पास रियाटरमेंट उम्र दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव को पारित कराने लायक समर्थन संसद में नहीं है। ट्रेड यूनियन सीजीटी के प्रमुख फिलिप मार्तिनेज ने एलान किया कि अब देश में और भी अधिक बड़े पैमाने पर हड़तालें आयोजित की जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैक्रों की पेंशन सुधार योजना के खिलाफ जनवरी के मध्य से ही फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा है। एक दिन लगभग 25 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उधर परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में हड़तालों के कारण कामकाज बाधित रहा है। लेकिन अब इस बिल को पारित कराने के लिए अपनाए तरीके को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

पर्यवेक्षकों के मुताबिक फ्रांस की संसद से निचले सदन नेशनल असेंबली में बिल का पारित होना कठिन था। इसलिए गुरुवार को सीनेट से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ने अपने विशेष संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल किया। इस बात का एलान प्रधानमंत्री ने किया, तो नेशनल असेंबली में हंगामाखेज माहौल बन गया। कई सासद तुरंत खड़े हो कर फ्रांस का राष्ट्र गान गाने लगे। दूसरी तरफ कुछ सांसदों ने रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के खिलाफ नारेबाजी की। 


वामपंथी सांसदों के साथ-साथ धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी के सांसदों ने भी इस बिल का विरोध किया है। नेशनल रैली की नेता मेरी ली पेन ने प्रधानमंत्री से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने एक ट्विट में कहा कि राष्ट्रपति का कदम प्रधानमंत्री के गाल पर भी एक तमाचा है। मैक्रों सरकार फ्रांस के लोगों को वह दे रही है, जो लोग नहीं चाहते। जबकि सरकार का दावा है कि उसने यह कदम पेंशन फंड को खतरे में पड़ने से बचाने के लिए उठाया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed