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Kenya Unrest: पूर्वी अफ्रीकी देश की संसद पर हमला, हिंसा की खबरों के बीच भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी
Wed, 26 Jun 2024 12:20 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नैरोबी (केन्या)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नैरोबी (केन्या)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 26 Jun 2024 12:20 AM IST
सार
पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या की संसद में हमलावरों के घुसने के बाद हड़कंप मच गया। आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और हिंसा की खबरों के बीच नेता ने सुरक्षा का संकल्प लिया। इससे पहले केन्या में प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। सुरक्षाबलों ने भीड़ तो तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया। विवाद बढ़ता देख राष्ट्रपति ने कर विधेयक वापस लेने की घोषणा की है।
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केन्या में विरोध प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
विस्तार
पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या जनता के विरोध प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में है। संसद में अमर्यादित आचरण के बाद अप्रिय स्थिति पैदा हो गई। आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और हिंसा की खबरों के बीच केन्या के शीर्ष नेता ने सुरक्षा का संकल्प दोहराया है। केन्या के नेता ने संसद पर हमले को सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा है कि ऐसी अशांति 'किसी भी कीमत पर' दोबारा नहीं होगी। इस बीच कर विधेयक पर विवाद बढ़ता देख राष्ट्रपति विलियम्स रूटो ने इस पर हस्ताक्षर न करने की बात कही है और बाद में विधेयक को वापस लेने की भी घोषणा कर दी है।
कई प्रदर्शनकारियों की मौत, 31 लोग घायल
मंगलवार को विवादित कर विधेयक के तहत कर वृद्धि का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने केन्या की संसद में घुसने की कोशिश की थी और आग लगा दी थी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 6 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई जबकि, 31 लोग घायल हो गए हैं।
अभी हस्ताक्षर नहीं, बाद में वापस भी लिया जाएगा विधेयक
हिंसक प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति रूटो ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि जनता चाहती है कि उन्हें अधिक रियायतें दी जाएं। लोगों ने अपनी बात रखी है। केन्या के आम लोगों की भावना को ध्यान में रखकर मैं इसपर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। इसे बाद में वापस ले लिया जाएगा।
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भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह; हिंसाग्रस्त इलाकों में न जाने की अपील
इसी बीच भारत ने अपने नागरिकों को इस अफ्रीकी देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद उपजी 'तनावपूर्ण' स्थिति से 'अत्यधिक सावधान' रहने की सलाह दी है। राजधानी नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक परामर्श में कहा, 'मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, केन्या में सभी भारतीयों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और हालात सामान्य होने तक विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।' आधिकारिक अनुमान के अनुसार, वर्तमान में लगभग 20,000 भारतीय केन्या में रह रहे हैं।
केन्या की जनता आक्रोशित क्यों; किस मुद्दे पर हो रहा है प्रदर्शन
इससे पहले बुधवार को केन्या में उग्र विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बेकाबू होने पर आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किए जाने की खबरें भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बहन भी आंसू गैस के गोले की चपेट में आ गईं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक केन्या में प्रस्तावित कर वृद्धि के खिलाफ आक्रोश है। देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आक्रोशित जनता वित्त विधेयक 2024 के जवाब में 7 दिनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। रैलियां आयोजित की जा रही हैं। जनता में उबाल के कारण देश भर में अशांति की खबर है।
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कई प्रदर्शनकारियों की मौत, 31 लोग घायल
मंगलवार को विवादित कर विधेयक के तहत कर वृद्धि का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने केन्या की संसद में घुसने की कोशिश की थी और आग लगा दी थी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 6 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई जबकि, 31 लोग घायल हो गए हैं।
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अभी हस्ताक्षर नहीं, बाद में वापस भी लिया जाएगा विधेयक
हिंसक प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति रूटो ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संदेश में कहा कि जनता चाहती है कि उन्हें अधिक रियायतें दी जाएं। लोगों ने अपनी बात रखी है। केन्या के आम लोगों की भावना को ध्यान में रखकर मैं इसपर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। इसे बाद में वापस ले लिया जाएगा।
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भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह; हिंसाग्रस्त इलाकों में न जाने की अपील
इसी बीच भारत ने अपने नागरिकों को इस अफ्रीकी देश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद उपजी 'तनावपूर्ण' स्थिति से 'अत्यधिक सावधान' रहने की सलाह दी है। राजधानी नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक परामर्श में कहा, 'मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, केन्या में सभी भारतीयों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और हालात सामान्य होने तक विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है।' आधिकारिक अनुमान के अनुसार, वर्तमान में लगभग 20,000 भारतीय केन्या में रह रहे हैं।
केन्या की जनता आक्रोशित क्यों; किस मुद्दे पर हो रहा है प्रदर्शन
इससे पहले बुधवार को केन्या में उग्र विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों को बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बेकाबू होने पर आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किए जाने की खबरें भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बहन भी आंसू गैस के गोले की चपेट में आ गईं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक केन्या में प्रस्तावित कर वृद्धि के खिलाफ आक्रोश है। देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आक्रोशित जनता वित्त विधेयक 2024 के जवाब में 7 दिनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। रैलियां आयोजित की जा रही हैं। जनता में उबाल के कारण देश भर में अशांति की खबर है।