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मांग: 'सोशल मीडिया पर तंबाकू की तरह लगे चेतावनी लेबल', अमेरिकी डॉ. विवेक बोले- यह किशोरों के लिए नुकसानदेह

Tue, 18 Jun 2024 05:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 18 Jun 2024 05:36 AM IST
सार

अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर माता-पिता को यह सलाह दी जानी चाहिए कि इन प्लेटफॉर्म के उपयोग से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान हो रहा है। जैसे तंबाकू और शराब उत्पादों पर चेतावनी दिखाई जाती है, उसी तरह वे कांग्रेस से मांग करेंगे कि सोशल मीडिया पर भी चेतावनी लेबल लगाने के लिए कानून पेश करें।

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Dr. Vivek Murthy asked US Parliament to impose warning labels on use of social media like tobacco products
युवाओं को लग रही सोशल मीडिया की लत - फोटो : FREEPIK

विस्तार

अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तंबाकू उत्पादों की तरह हानिकारक बताते हुए अमेरिकी संसद से मांग की है कि सोशल मीडिया के उपयोग पर उसी तरह के चेतावनी लेबल लगाए जाएं, जैसे तंबाकू उत्पादों पर लगाए जाते हैं।

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डॉ. मूर्ति ने कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर माता-पिता को यह सलाह दी जानी चाहिए कि इन प्लेटफॉर्म के उपयोग से किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे तंबाकू और शराब उत्पादों पर चेतावनी दिखाई जाती है कि इनका उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, उसी तरह वे कांग्रेस से मांग करेंगे कि सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में भी इस तरह की चेतावनी दिखाने के लिए कानून पेश करें। डॉ. मूर्ति ने सोमवार को न्यूयॉर्क टाइम्स में अपने एक लेखा में कहा कि यह चेतावनी लेबल माता-पिता को एक शक्तिशाली संदेश देगा कि सोशल मीडिया सुरक्षित नहीं है।
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नुकसान के बारे में बताने में विफल रहे
डॉ. मूर्ति ने बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के प्रभावों को सड़क दुर्घटनाओं या दूषित भोजन के बराबर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम के जैसा बताया है। डॉ. मूर्ति कहते हैं कि हम सोशल मीडिया के नुकसानों के बारे में सभी को बताने में विफल रहे हैं। ये नुकसान माता-पिता की इच्छाशक्ति और पालन-पोषण की विफलता की वजह से नहीं हो रहा है, बल्कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों, पारदर्शिता या जवाबदेही के बिना शक्तिशाली तकनीक को मुक्त करने का नतीजा है।
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रोजाना 4.8 घंटे सोशल मीडिया पर बिता रहे युवा
डॉ. मूर्ति ने एक शोध का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका में किशोर औसतन 4.8 घंटे प्रतिदिन सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं।  जो किशोर सोशल मीडिया पर दिन में तीन घंटे से अधिक समय बिताते हैं, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का काफी अधिक जोखिम होता है। वहीं, गैलप सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका में 46 फीसदी किशोरों ने माना है कि सोशल मीडिया ने उन्हें अपने शरीर के बारे में बुरा महसूस कराया है। डॉ. मूर्ति ने कहा था कि उन्होंने ऐसे युवाओं से बात की है, जो चाहकर भी सोशल मीडिया से दूर नहीं हो पाते हैं।

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