व्हाइट हाउस बॉलरूम विवाद: ट्रंप के प्रोजेक्ट को NCPC की मंजूरी, कानूनी लड़ाई और कांग्रेस की इजाजत पर बहस जारी
ट्रंप के व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम के निर्माण को लेकर कानूनी जंग जारी है। कारण है कि बीते दिनों फेडरल जज रिचर्ड लियोन ने निर्माण पर रोक लगाते हुए कहा था कि बिना कांग्रेस की अनुमति के निर्माण नहीं हो सकता। इसके बावजूद अब नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन (NCPC) ने गुरुवार को इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दे दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम के निर्माण को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन (एनसीपीसी) ने गुरुवार को इसे अंतिम मंजूरी दे दी। यह प्रोजेक्ट व्हाइट हाउस में 70 साल में सबसे बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है। यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है, जब बीते दिनों एक फेडरल जज रिचर्ड लियोन ने निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया था। जज ने कहा था कि जब तक कांग्रेस इसकी इजाजत नहीं देती, तब तक निर्माण नहीं होगा।
इसके बाद से ट्रंप का यह प्रोजेक्ट डिजाइन, सुरक्षा और ऐतिहासिक संरक्षण के सवालों के बीच देश में बहस का केंद्र बना हुआ है। कारण है कि इस नए निर्माण में ट्रंप ने बॉलरूम का आकार बड़ा कर दिया है और इसकी कीमत अब लगभग 400 मिलियन डॉलर हो गई है। उन्होंने व्हाइट हाउस के दक्षिण तरफ की बड़ी सीढ़ी हटा दी और पश्चिम तरफ एक खुली बरामदा जोड़ दी। ट्रंप प्रशासन के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य था कि आमंत्रित अतिथि अब टेंट की बजाय स्थायी बॉलरूम में समारोह कर सकें।
ये भी पढ़ें:- ट्रंप की ईरान को चेतावनी: समझौता करो वरना बिगड़ेंगे हालात, ईरानी राष्ट्रपति ने भी किया पलटवार; जानिए क्या कहा?
अब समझिए क्या है कानूनी विवाद?
बता दें कि इस निर्माण पर रोक लगाते हुए जज लियोन ने कहा कि राष्ट्रपति व्हाइट हाउस के मालिक नहीं हैं, बल्कि उसके संरक्षक हैं। नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने अक्तूबर 2025 में पूर्व ईस्ट विंग को तोड़ने के बाद ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। जज ने ट्रंप के निर्माण को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया, लेकिन सुरक्षा संबंधित काम जारी रहने की अनुमति दी।
राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू भी समझिए
-
ट्रंप ने निर्माण शुरू करने से पहले एनसीपीसी और यूएस कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स से पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाई।
-
इस प्रोजेक्ट के लिए धन अमीर व्यक्तियों और कंपनियों से इकट्ठा किया जा रहा है, जबकि कुछ सुरक्षा और बंकर संबंधी खर्च जनता के पैसे से हो रहे हैं।
-
कांग्रेस के सदस्यों ने अभी तक टिप्पणी नहीं की, क्योंकि वे स्प्रिंग ब्रेक पर हैं।
ये भी पढ़ें:- US: एपस्टीन फाइल्स, विपक्ष पर नाकाफी एक्शन या कुछ और...ट्रंप ने पैम बॉन्डी से क्यों छीना अटॉर्नी जनरल का पद?
ट्रंप के इस प्रोजेक्ट को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह प्रोजेक्ट ट्रंप की उत्तराधिकार नीति का हिस्सा माना जा सकता है। व्हाइट हाउस में अपने नाम की छाप छोड़ने की कोशिश। लेकिन कानूनी जटिलताएं और जनता/संगठनों की आपत्तियां इस परियोजना को चुनौती दे रही हैं। ऐसे में जज ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति निजी मालिक की तरह निर्णय नहीं ले सकते, जिससे ट्रंप को कानून और नियामक प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। कुल मिलाकर यह माना जा रहा है कि व्हाइट हाउस का यह बॉलरूम सिर्फ निर्माण का मामला नहीं है, यह सत्ताधिकार, पारदर्शिता और ऐतिहासिक संरक्षण के बीच टकराव का प्रतीक भी बन गया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.