Trump on Doha Attack: ट्रंप को कतर में इस्राइली हमले का ठिकाना 'बहुत बुरा लगा'; हमास के सफाए पर कही ये बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कतर की राजधानी दोहा में हुए इस्राइली हवाई हमले के बारे में जानकर 'बहुत बुरा लगा।' ट्रंप की प्रतिक्रिया के बारे में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जानकारी दी। कतर में इस्राइली सेना की एयरस्ट्राइक पर अमेरिका का रुख क्या है? इस खबर में जानिए
विस्तार
शांति के प्रयासों के बावजूद पश्चिम एशिया में एक बार फिर हिंसा की आग सुलगने लगी है। दरअसल, ताजा घटनाक्रम में इस्राइल ने कतर में हमले किए हैं। कतर ने कहा है कि उसे इस कार्रवाई के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कतर की राजधानी दोहा में इस्राइली हवाई हमले के बारे में जानकर 'बहुत बुरा लगा।' साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि वे हमास का सफाया करने के लक्ष्य का समर्थन करते हैं। जानिए ट्रंप ने और क्या कहा?
मीडिया ब्रीफिंग में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रंप प्रशासन को इस ऑपरेशन के बारे में हमले वाली सुबह ही सूचित किया गया था। उन्होंने कहा, 'आज सुबह अमेरिकी सेना ने प्रशासन को सूचित किया कि इस्राइल हमास पर हमला कर रहा है, जो दुर्भाग्य से कतर की राजधानी दोहा के एक हिस्से में स्थित है। कतर एक संप्रभु देश है और अमेरिका का करीबी सहयोगी भी है, जो हमारे साथ मिलकर शांति स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत और जोखिम उठा रहा है। ऐसे में कतर की जमीन पर बमबारी अमेरिका या इस्राइल के लक्ष्यों को आगे नहीं बढ़ाती। हालांकि, हमास का सफाया करना, जिसने गाजा के लोगों की तकलीफों से लाभ उठाया है, एक सार्थक लक्ष्य है।'
#WATCH | Washington, DC | On the Israeli strikes on a Hamas facility in Doha, Qatar, US President Donald Trump says, "I am not thrilled about it... Not a good situation, but I will say that we want the hostages back. We are not thrilled about the way that went down... I am never… pic.twitter.com/UC7BFldXnU
— ANI (@ANI) September 10, 2025
विटकॉफ से बोले ट्रंप- कतर के अधिकारियों को दें हमले की जानकारी
लेविट ने आगे कहा कि जैसे ही राष्ट्रपति को हमले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत विशेष दूत स्टीवन विटकॉफ को कहा कि वे कतर के अधिकारियों को इस हमले की जानकारी दें, और उन्होंने ऐसा ही किया। लेविट ने अमेरिका और कतर के बीच घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कतर को अमेरिका का एक मजबूत सहयोगी और मित्र मानते हैं और उन्हें इस हमले की जगह को जानकर 'बहुत बुरा लगा।'
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हमले के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से की बात
लेविट ने यह भी बताया कि हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि गाजा में सभी बंधकों और मृतकों के शवों को तुरंत छोड़ा जाए और यह युद्ध अभी खत्म हो। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्रपति से कहा कि वे जल्द से जल्द शांति चाहते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप मानते हैं कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शांति का अवसर बन सकती है।'
ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री को दिया भरोसा- ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी
लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर और प्रधानमंत्री से भी बातचीत की और भरोसा दिलाया कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने कतर के अमीर और प्रधानमंत्री से भी बात की और हमारे देश के प्रति उनके समर्थन और मित्रता के लिए उनका धन्यवाद किया। राष्ट्रपति ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी धरती पर ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।'
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कतर ने कहा- हमले की नहीं दी गई पूर्व जानकारी
कतर ने कैरोलिन लेविट के हमले की जानकारी देने वाले दावों को खारिज कर दिया। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी के सलाहकार और कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. माजिद अल अंसारी ने कहा, कतर को कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'कतर को पहले से सूचित किए जाने की बातें पूरी तरह निराधार हैं। अमेरिकी अधिकारी का फोन तभी आया, जब दोहा में इस्राइली हमलों के धमाके गूंज रहे थे।'