US: 'गठबंधन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता अडिग', नाटो के लिए नामित राजदूत व्हिटेकर ने सीनेटरों को दिया भरोसा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाटो राजदूत के रूप में चुने गए मैट व्हिटेकर ने अपनी पुष्टिकरण सुनवाई के दौरान सीनेटरों से कहा कि उनका मिशन नाटो के 32 सहयोगियों को ट्रंप की रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग को पूरा करने के लिए प्रेरित करना होगा।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाटो राजदूत के रूप में चुने गए मैट व्हिटेकर ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन की सैन्य गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता 'अडिग' है। यह बात व्हिटेकर ने अपनी पुष्टिकरण सुनवाई में सीनेटरों को भरोसा दिलाते हुए कही।
ट्रंप के पहले कार्यकाल में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल रहे मैट व्हिटेकर ने सीनेटरों से कहा कि उनका मिशन नाटो के 32 सहयोगियों को ट्रंप की रक्षा खर्च 5% बढ़ाने की मांग को पूरा करने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यूरोपीय सहयोगी और कनाडा नाटो को मजबूत रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
यूक्रेन के बारे में चर्चा के आग्रह को टाला
व्हिटेकर ने रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन के बारे में विस्तृत चर्चा करने के लिए डेमोक्रेटिक सीनेटरों के आग्रह को टाल दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मानते हैं कि रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था, तो उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा ही था।
नाटो के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर की सकारात्मक बात
हालांकि, व्हिटेकर ने नाटो के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता पर सकारात्मक बात की। उन्होंने सीनेट की विदेश संबंध समिति से कहा कि अमेरिका की नाटो के मूल अनुच्छेद 5 के प्रति प्रतिबद्धता पक्की होगी, जो कहता है कि यदि एक सदस्य पर हमला होता है, तो इसे सभी पर हमला माना जाएगा।
ट्रंप ने पुतिन के साथ संबंध बनाने में दिखाई रुचि
बता दें कि ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना की है। साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संबंध बनाने में रुचि दिखाई है, जिसके कारण अमेरिका की नाटो के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रंप के बयान से नाटो सदस्यों में मची थी खलबली
ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान कहा था कि रूस उन नाटो सदस्यों के साथ जो चाहे कर सकता है, जो अपने सैन्य खर्च का लक्ष्य पूरा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने रूस के खतरे को कम करके आंका और यूक्रेन के लिए अमेरिकी समर्थन समाप्त करने की धमकी दी, जबकि यूक्रेन रूस के आक्रमण का सामना कर रहा है।
अपनी रक्षा व्यवस्था का आकलन करने में जुटे यूरोपीय नाटो सदस्य
पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ ट्रंप की विवादास्पद बैठक के बाद, यूरोपीय नाटो सदस्य अपनी रक्षा व्यवस्था का आकलन करने में जुटे हैं। साथ ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अमेरिका के बिना अकेले आगे बढ़ने का कोई विचार नहीं है।
ट्रंप ने नाटो में अमेरिका की भूमिका पर भी उठाया सवाल
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से यूरोपीय सहयोगियों और कनाडा पर आरोप लगाता रहा है कि वे नाटो में अमेरिका पर बहुत अधिक निर्भर हैं। ट्रंप ने इस पर सवाल उठाते हुए नाटो में अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाया है।
नाटो देशों ने जीडीपी का 2% खर्च करने का लक्ष्य हासिल किया, ट्रंप ने कहा- 5% करो
नाटो नेताओं का कहना है कि ट्रंप की आलोचना और यूक्रेन युद्ध के कारण अधिकांश नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट को अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम 2% खर्च करने का लक्ष्य हासिल किया है। हालांकि, ट्रंप ने हाल ही में इस मांग को बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद का 5% कर दिया है।
अमेरिका रक्षा बजट का 3.4% खर्च करता है
मंगलवार की सुनवाई में डेमोक्रेटिक सांसदों ने बताया कि अमेरिका अपनी सेना पर अपने रक्षा बजट का लगभग 3.4% खर्च करता है। रूस की सीमा से लगे नाटो देश सबसे बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं, जिसमें पोलैंड भी शामिल है, जो 4% खर्च करता है।
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