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Palestine Conflict: US फलस्तीन को मान्यता के खिलाफ; निंदा कर बोले ट्रंप- ऐसे फैसलों से बढ़ेगा हमास का अत्याचार

Wed, 24 Sep 2025 02:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 24 Sep 2025 02:40 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने पर पश्चिमी देशों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम हमास के 'भयानक अत्याचारों' को बढ़ावा देंगे। इस दौरान उन्होंने गाजा युद्ध को तुरंत समाप्त करने और बंधकों की रिहाई पर भी जोर दिया। 

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Donald Trump condemns moves to recognize Palestinian state demands release of hostages
संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : youtube/@unitednations

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पश्चिमी देशों द्वारा फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने के कदमों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के 'भयानक अत्याचारों' को बढ़ावा देंगे। 

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि दुनिया को गाजा में बंधक बनाए गए बंधकों की रिहाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। लगभग दो साल पहले हमास ने इस्राइल पर हुए घातक हमले में उन्हें बंधक बना लिया था, जिससे गाजा युद्ध शुरू हुआ था।
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फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने से इस्राइल-अमेरिका नाराज
पिछले दो दिनों में फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल ने फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है। ये कदम इस्राइल की गाजा में कार्रवाई से निराश होकर और द्वि-राष्ट्र समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाए गए, लेकिन इससे इस्राइल और उसका करीबी सहयोगी अमेरिका नाराज हो गया है। ट्रंप ने कहा, 'कुछ देश फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देकर संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं। यह हमास आतंकवादियों और उनकी हिंसा के लिए पुरस्कार होगा। हमास की फिरौती की मांगों के आगे झुकने के बजाय, शांति चाहने वालों को एक संदेश के साथ एकजुट होना चाहिए- बंधकों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।'



मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं से मिले ट्रंप
इसके अलावा, ट्रंप ने कई मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं से मुलाकात की, इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्किये, इंडोनेशिया और पाकिस्तान शामिल हैं। इस दौरान गाजा की स्थिति पर चर्चा की गई। इसमें बंधकों की रिहाई, युद्ध समाप्त करना और इस्राइल के पीछे हटने के बाद गाजा में शासन व्यवस्था पर बातचीत की गई। हालांकि गाजा में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक आलोचना बटोरी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गाजा में अब तक 65,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।

गाजा के संबंध में बैठक बहुत अच्छी रही: ट्रंप
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से निकलते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'गाजा के संबंध में हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। इस्राइल को छोड़कर सभी बड़े देशों के साथ यह एक बहुत ही सफल बैठक रही। लेकिन यह अगला कदम होगा।' 

 

इस्राइल का सबसे मजबूत सहयोगी बना अमेरिका
हाल के हफ्तों में, इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने गाजा शहर पर लंबे समय से मंडरा रहा जमीनी हमला शुरू कर दिया है, जिसके युद्धविराम की संभावनाएं कम ही हैं। लेकिन अमेरिका इस्राइल का सबसे मजबूत सहयोगी बना हुआ है। अमेरिका और इस्राइल ने सोमवार को न्यूयॉर्क में फ्रांस और सऊदी अरब द्वारा आयोजित एक शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया, जहां दर्जनों विश्व नेता संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीनी राष्ट्र को अपनाने के लिए एकत्र हुए थे। 

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फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने के कदमों का गुटेरेस ने भी समर्थन किया
हालांकि, कितने भी देश फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दें, संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता के लिए सुरक्षा परिषद की मंजूरी जरूरी होगी, जहां अमेरिका के पास वीटो है, जिसका इस्तेमाल वह अक्सर इस्राइल की आलोचना करने वाले प्रस्तावों का विरोध करने के लिए करता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को बाद में सुरक्षा परिषद में बोलते हुए मान्यता के इन कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'यह द्वि-राष्ट्र समाधान का सबसे स्पष्ट मार्ग है। इस्राइल और एक स्वतंत्र, संप्रभु, लोकतांत्रिक, व्यवहार्य और सन्निहित फलस्तीनी राष्ट्र। हमें इस गति का लाभ उठाना चाहिए।'

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