Trump: ट्रंप पर हमले की मीडिया रिपोर्टिंग पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर लोगों ने लगाया एजेंडा चलाने का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले की खबरों की हेडलाइन में इस बात का जिक्र था ही नहीं कि ट्रंप पर घातक हमला हुआ है बल्कि ऐसा बताया गया कि रैली स्थल पर गोली चलने की आवाज सुनी गई।
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ट्रंप समर्थकों में मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर नाराजगी
डगलस मैक्ग्रेगोर नामक एक यूजर ने सोशल मीडिया पर एक न्यूज क्लिप को साझा किया है। इस वीडियो क्लिप के साथ यूजर ने लिखा कि 'मीडिया, ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के पीछे ट्रंप समर्थकों और खुद डोनाल्ड ट्रंप का हाथ बता रहा है। यह मीडिया आपका दोस्त नहीं है।'
एक अन्य यूजर ने वॉशिंगटन पोस्ट के कुछ लिंक सोशल मीडिया पर साझा किए और कैप्शन में लिखा कि 'डोनाल्ड ट्रंप बीते आठ वर्षों से हमें बताने की कोशिश कर रहे हैं कि मीडिया और कुछ नहीं बल्कि फर्जी खबरें हैं।' दरअसल यूजर की इस बात को लेकर नाराजगी थी कि डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले की खबरों की हेडलाइन में इस बात का जिक्र था ही नहीं कि ट्रंप पर घातक हमला हुआ है बल्कि ऐसा बताया गया कि रैली स्थल पर गोली चलने की आवाज सुनी गई। यूजर्स ने आरोप लगाया कि ट्रंप पर हमले की घटना को मीडिया में हल्का करके दिखाया गया।
BREAKING: ABC News effectively blames the assass*nation attempt of Trump on his supporters and Trump himself..
— Douglas Macgregor (@DougAMacgregor) July 14, 2024
The media is not your friend. pic.twitter.com/a8wVs8gzpn
If you think only Indian media sucks, see this
— Mr Sinha (@MrSinha_) July 14, 2024
-CNN: #Trump fell down from stage
-NY Times : Chaos at Trump's rally
-MSNBC : Popping sound at Trump's rally
-Washington Post : Loud noise at Trump's rally
None of these left media mentioned Bullet fired, Trump Shot etc type words. pic.twitter.com/YmRr0gaLlV
भारतीय यूजर्स ने भी उठाए सवाल
एक भारतीय यूजर ने लिखा कि अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में हत्या के प्रयास जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि इसे सिर्फ रैली में गोली चलने के आवाज सुने जाने के तौर पर पेश किया गया। एक अन्य भारतीय यूजर ने भी यही मुद्दा उठाया और विभिन्न अमेरिकी मीडिया संस्थानों की हेडलाइन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि किसी ने भी ये बात नहीं लिखी है कि ट्रंप पर गोली चली या ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ।
सोशल मीडिया पर चल रहीं कई तरह की चर्चाएं
सोशल मीडिया पर कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि ट्रंप पर हमला सुनियोजित था और इसकी वजह बताते हुए यूजर कह रहे हैं कि गोलियां चलने के बाद सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की प्रतिक्रिया खुद को बचाने जैसी थी और रैली में मौजूद लोग भी बहुत ज्यादा घबराए नहीं और आराम से अपनी सीटों पर बैठे रहे। कुछ यूजर्स ने सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए और कहा कि हमलावर कैसे राइफल लेकर पूर्व राष्ट्रपति की रैली के इतने नजदीक पहुंच गया और जब वह हमले के लिए छत पर पहुंचा तो किसी सुरक्षाकर्मी की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी! हमले से पहले संदिग्ध हमलावर का एक वीडियो भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि रैली में मौजूद लोगों ने हमलावर को देखकर सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी!