ऑस्कर नामांकन में भेदभाव के आरोप, महिला व अश्वेत कलाकारों की हुई अनदेखी
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फिल्मों के सबसे प्रतिष्ठित कहे जाने वाले ऑस्कर अवॉर्ड महिला और अश्वेत फिल्म निर्देशकों व कलाकारों को अच्छे काम के बावजूद नामांकन नहीं देने के लिए आलोचकों के रडार पर आ चुके हैं। सोमवार को सामने आया कि निर्देशन के वर्ग में सभी पुरुष फिल्मकार नामांकित किए गए हैं। इसे ‘श्वेत ऑस्कर’ नाम से विवादास्पद करार दिया गया है।
इसी प्रकार के विवाद 2017 में भी उपजे थे। इस बार ग्रेटा गर्विग को स्क्रीनप्ले अडॉप्टेशन वर्ग में नामांकित किया गया, लेकिन श्रेष्ठ निर्देशक वर्ग में जगह नहीं दी गई। इसे लेकर कई फिल्म कलाकारों ने आश्चर्य जताया।
वहीं ऑलिविया वाइल्ड को बुकस्मार्ट, लुलु वांग को द फेयरवैल, जोआना हॉग को द सूवनीर, लॉरीन सफारिया को हस्लर्स, मैरियल हेलर को अ ब्यूटीफुल डे इन द नेबरहुड ओर सलीन सिआमा को पोट्रेट ऑफ ए लेडी ऑन फायर जैसी फिल्में देने के बावजूद नामांकनों में दरकिनार करने के आरोप ऑस्कर मतदान प्रक्रिया पर लगाए गए हैं।
इन फिल्मों में अभिनय करने वाले कलाकारों की भी उपेक्षा के आरोप लगे हैं। इनमें जेनिफर लोपेज से लेकर एशियाई मूल की ऑकवाफीना शामिल हैं। अश्वेत कलाकारों में लुपिटा नियॉन्गो, जेमी फॉक्स जैसी अभिनेत्रियों को भी फिल्मों में अच्छे अभिनय के लिए नामांकन न मिलना चर्चा का विषय बना है। जाने माने कलाकार एडी मर्फी की डॉलेमाइट इज माय नेम के लिए उपेक्षा की गई।
स्मृति मुद्रा की ‘सेंट लुईस सुपरमैन’ ऑस्कर के लिए नामित
ऑस्कर अवार्ड के लिए भारतीय-अमेरिकी फिल्मकार स्मृति मुद्रा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘सेंट लुईस सुपरमैन’ को नामांकित किया गया है। उन्हें बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी के लिए नामांकन मिला है। 25 मिनट की इस फिल्म को उन्होंने समी खान के साथ बनाया है। इसे लेकर भारतीय नागरिकों ने उन्हें ढेरों बधाई दी, इनमें हिंदी फिल्मकार अनुराग कश्यप भी शामिल हैं।