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प्रधानमंत्री ओली को अनुशासन की कार्रवाई करने का नेकपा स्थायी कमेटी का निर्णय
Mon, 21 Dec 2020 06:43 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडो।
अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडो।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 21 Dec 2020 06:43 AM IST
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
- फोटो : एएनआई
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सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) ने पार्टी अध्यक्ष व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अनुशासन का कार्रवाई करने का निर्णय किया है । यह प्रस्ताव 22 दिसंबर को बुलाए गए केेंद्रीय कमेटी की बैठक में प्रस्तुत होगा ।
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प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के सरकारी निवास वालुवाटार मे हुए बैठक मे 45 सदस्यीय स्थायी कमेटी के आमंत्रित 4 सहित 39 लोग उपस्थित थे। बैंठक में प्रधानमंत्री ओली व उनके निकट स्थायी कमेटी के सदस्य का सहभागिता नहीं था ।
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मंत्री परिषद के सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा संसद भंग करने के वाद हुए नेकपा स्थायी कमेटी के वैठक ने प्रधानमंत्री ओली का कदम असम्वैधानिक।, अलोकतान्त्रिक, निरंकुश और जनादेश के विरुद्घ रहे निर्णय करते हुए खेद व्यक्त किया है । इसका राजनीतिक के साथ ही कानुनी उपचार भी खोजने की वात नेकपा के प्रवक्ता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने बताया ।
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पार्टि अध्यक्ष ओली ने पार्टी अनुशासन उल्लंघन किया है, कहते हुए स्थायी कमिटि का बैठक ने अनुसासन के कार्रवाइ के लिए केन्द्रिय कमेटी मे सिफारिश करने का निर्णय किया है । इसके लिए 22 दिसंबर को केन्द्रीय कमेटी ने आकस्मिक बैठक बुलाया है ।
संसद विघटन के विरुद्ध 3 कानून व्यवसायी रिट लेकर सुप्रीम कोर्ट में
नेपाल मे हुए संसद विघटन के निर्णय के विरुद्घ मे तिन कानुनी व्यवसायी अलग अलग रिट लेकर सर्वोच्च अदालत(सुप्रिम कोर्ट) पहुंचे है ।
राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने रविवार मन्त्री परिषद के सिफारिस मे प्रतिनिधि सभा विघटन करने के वाद अधिवत्ता कञ्चनकृष्ण न्यौपाने, सुलभ खरेल और लोकेन्द्र बहादुर ओली रिट लेकर नेपाल के सुप्रिम कोर्ट पहुंचे है ।
रिट निवेदन लेकर सुप्रिम कोर्ट पहुचे अधिबत्ता कंञ्चनकृष्ण न्यौपाने ने पत्रकारो से कहा की रिट निवेदक काफी अधिक हो सकते है इसिलिए अदालत के पदाधिकारी ने सभी रिट एक वार दर्ज करने के लिए प्रकिया मे रखा है ।’
प्रचंड और नेपाल पक्ष के 7 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
प्रतिनिधि सभा विघटन के प्रति आपत्ति प्रकट करते हुए प्रधानमन्त्री केपी शर्मा अ्लोी मन्त्री मंडल के 7 मन्त्रीयो ने इस्तिफा दिया है ।
प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा प्रतिनिधि सभा विघटन के लिए सिफारिस किए जाने के विषय मे आपत्ति प्रकट करते हुए नेपाल कम्युनिष्ट पार्टि के अध्यक्ष पुष्पकमल दहाल ‘प्रचड’, और बरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल समुह पक्षा के 7 मन्त्रीयो ने इस्तीफा दिया है ।
इस्तीफा देने वालो मे शिक्षा विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री गिरिराजमणि पोखरेल, उर्जा जलश्रोथत और सिचाइ मन्त्री वर्षमान पुन, कृषि तथा पशुपंक्षी विकास मन्त्री घनश्याम भुषाल, संस्कृति पर्यटन तथा नागरिक उडडयन मन्त्री योगेश कुमार भट्टराइ, वन तथा वातावरण मंत्री शत्ति वहादुर वस्नेत, श्रम तथा रोजगार मन्त्री रामेश्वर राय यादव और खानेपानी तथा सरसफाइ मन्त्री विना मगर है ।
पुर्व माओवादी खेमा के गृहमन्त्री रामबहादुर थापा और उद्योग मन्त्री लेखराज भट्ट ने इस्तीफा नहीं दिया है ।
सामुहिक इस्तीफा देते हुए जारी किए गए विज्ञप्ति मे कहा गया है कि आज रविवार डिसेम्वर 20 तारिख के मन्त्री परिषद के वैठक मे प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा प्रस्तुत प्रतिनिधि सभा विघटन के प्रस्ताव मे हमलोगों का असहमति होने की वात सर्व विदित ही है।
इसको रोकने के लिए हमारे ओर से किए गए अधिकतम प्रयास भी सार्वजनिक ही है । गैर सम्वैधानिक, अलोकतान्त्रिक, जनादेश विपरित तथा राजनीतक मुल्य और स्थिरता कमे प्रतिकूल कदम के प्रति गम्भीर असहमति प्रकट करते हुए हमलोग मन्त्री पद से इस्तीफा दे रहे है ।
मन्त्री परिषद के सिफारिस पर रविवार राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने प्रतिनिधि सभा को विघटन कर दिया है ।