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PM Modi In Japan: पीएम नरेंद्र मोदी को जापान में भेंट की गई दारुमा डॉल, जानिए क्या है इस तोहफे की खासियत
Fri, 29 Aug 2025 08:51 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 29 Aug 2025 08:51 PM IST
सार
पीएम मोदी भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर सुबह टोक्यो पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ताकासाकी-गुन्मा स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सेशी हिरोसे ने एक दारुमा डॉल भेंट की।
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पीएम मोदी को भेंट की गई दारुमा डॉल।
- फोटो : PTI
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विस्तार
जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष पारंपरिक उपहार भेंट किया गया। सौभाग्य के प्रतीक माने जाने वाले इस तोहफे का नाम दारुमा डॉल है। दारुमा मंदिर के पुजारी ने पीएम मोदी को यह तोहफा भेंट किया। साथ ही इसकी खूबियां भी बताईं। आइए जानते हैं क्या है दारुमा डॉल...।
पीएम मोदी भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर सुबह टोक्यो पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ताकासाकी-गुन्मा स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सेशी हिरोसे ने एक दारुमा डॉल भेंट की। मंत्रालय ने कहा कि यह विशेष कदम भारत और जापान के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों की पुष्टि करता है।
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सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रेव सेशी हिरोसे से मिलना सम्मान की बात है और उन्होंने दारुमा डॉल भेंट करने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। दारुमा को जापान में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है और इसका भारत से भी संबंध है। यह प्रसिद्ध भिक्षु बोधिधर्म से प्रभावित है।
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It was an honour to meet Rev. Seishi Hirose, Chief Priest of Shorinzan Daruma-Ji Temple in Takasaki-Gunma. My gratitude to him for presenting a Daruma Doll. Daruma is considered to be an important cultural symbol in Japan and also has a connect with India. It is influenced by… pic.twitter.com/HjSWVx78sp
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
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पीएम मोदी भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर सुबह टोक्यो पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ताकासाकी-गुन्मा स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सेशी हिरोसे ने एक दारुमा डॉल भेंट की। मंत्रालय ने कहा कि यह विशेष कदम भारत और जापान के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों की पुष्टि करता है।
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सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रेव सेशी हिरोसे से मिलना सम्मान की बात है और उन्होंने दारुमा डॉल भेंट करने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। दारुमा को जापान में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है और इसका भारत से भी संबंध है। यह प्रसिद्ध भिक्षु बोधिधर्म से प्रभावित है।
सौभाग्य की प्रतीक है दारुमा डॉल
जापान में दारुमा डॉल को शुभ, सौभाग्य, धैर्य और लक्ष्य को पूरा करने का प्रतीक माना जाता है। गुन्मा स्थित ताकासाकी शहर प्रसिद्ध दारुमा डॉल का जन्मस्थान है। दारुमा डॉल गोल होती है और इसके हाथ-पैर नहीं होते हैं। इस डॉल की खासियत यह होती है कि यह गिरकर वापस सीधी खड़ी हो जाती है। इससे जुड़ी कहावत है कि सात बार गिरो, आठ बार खड़े हो। इसका मतलब है कि हार मानने के बजाय बार-बार उठ खड़ा होना। इस डॉल को लेकर मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति लक्ष्य या इच्छा तय करता है तो गुड़िया की एक आंख काली कर दी जाती। जब लक्ष्य पूरा हो जाता है तो दूसरी आंख भी भर दी जाती है।
भारतीय बौद्ध भिक्षु ने जापान में किया था बौद्ध को स्थापित
जापान में बौद्ध धर्म की स्थापना भारतीय बौद्ध भिक्षु बोधिधर्म ने की थी। वे एक हजार साल पहले जापान गए थे। उनको जापान में दारुमा दाशी के नाम से जाना जाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि दारुमा दाशी को जेन बौद्ध धर्म का भी एक आधारभूत व्यक्ति माना जाता है।