US: क्या राष्ट्रपति पद की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप के सामने चुनौती बनेंगी कमला हैरिस? बाइडन पर लटकी तलवार
डेमोक्रेट्स के शीर्ष नेताओं ने कहा कि अगर हैरिस बढ़ते दबाव के आगे झुक जाती हैं और इस साल के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति जो बाइडन अपना पद छोड़ देते हैं तो वह चुनाव की दौड़ में खुद ब खुद शामिल हो जाएंगी।
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अमेरिका में पांच नवंबर को चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। यहां राष्ट्रपति पद के लिए दो नेताओं जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ा मुकाबला है। दोनों ही प्रतिद्वंद्वी एक दूसरे पर हमलावर हैं। हाल ही में दोनों के बीच प्राथमिक बहस हुई थी, जिसमें बाइडन का प्रदर्शन काफी खराब रहा। इसके बाद डेमोक्रेटिक पार्टी में चिंताएं बढ़ गईं। पार्टी के शीर्ष नेताओं का कहना है कि अगर बाइडन चुनाव की रेस से बाहर होने का फैसला करते हैं तो उनकी जगह उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ले सकती हैं।
अगर बाइडन हटे तो...
डेमोक्रेट्स के शीर्ष नेताओं ने कहा कि अगर हैरिस बढ़ते दबाव के आगे झुक जाती हैं और इस साल के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति जो बाइडन अपना पद छोड़ देते हैं तो वह चुनाव की दौड़ में खुद ब खुद शामिल हो जाएंगी।
इन सब अटकलों के बीच पार्टी के दाता, कार्यकर्ता और अधिकारी पूछ रहे हैं कि क्या कमला हैरिस के पास डोनाल्ड ट्रंप को हराने का बाइडन से बेहतर मौका है? हालांकि, बाइडन कई बार कह चुके हैं कि वह फिलहाल दौड़ में बने हुए हैं।
पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं
पूर्व अमेरिकी सीनेटर और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल 59 वर्षीय हैरिस अगर पार्टी की उम्मीदवार बनती हैं तो वह चुनाव में जीत हासिल कर सकती हैं। इसी के साथ वह अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बन जाएंगी। वह उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी और एशियाई शख्स हैं।
व्हाइट हाउस में उनके साढ़े तीन साल के कार्यकाल की विशेषता एक कमजोर शुरुआत, स्टाफ में बदलाव तथा मध्य अमेरिका से प्रवास सहित प्रारंभिक नीतिगत कार्यभार रही, जिससे उन्हें कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।
हैरिस अभियान के लिए बोझ बन गईं?
पिछले साल तक व्हाइट हाउस और बाइडन अभियान टीम के अंदर कई लोग निजी तौर पर चिंतित थे कि हैरिस अभियान के लिए बोझ बन गई हैं। तब से स्थिति काफी बदल गई है। डेमोक्रेटिक अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गर्भपात के अधिकारों पर अच्छे से बात रखी और युवा मतदाताओं को आकर्षित किया।
हाल के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बाइडन से बेहतर हैरिस हो सकती हैं, हालांकि उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
मात्र इतना अंतर
दो जुलाई को जारी किए गए एक पोल में पाया गया कि मतदाता छह प्रतिशत अंकों से बाइडन के मुकाबले ट्रंप को पसंद करते हैं। हैरिस भी ट्रंप से पीछे हैं। पिछले हफ्ते ट्रंप और लड़खड़ाते बाइडन के बीच टेलीविजन पर हुई बहस के बाद रॉयटर्स/इप्सोस पोल में पाया गया कि हैरिस और ट्रंप लगभग बराबरी पर हैं। हैरिस का 42 फीसदी ने समर्थन किया और ट्रंप का 43 फीसदी ने समर्थन किया।
केवल पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा, जिन्होंने कभी भी दौड़ में शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।