कोरोनावायरस: वुहान में फंसे भारतीय छात्रों की अपील, 'खाना-पानी खत्म हो रहा, हमें जल्द बचाएं'
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कोरोनावायरस की वजह से चीन के वुहान प्रांत में फंसे भारतीय छात्रों के लिए खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं। वुहान यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में पढ़ने वाले आठ भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से उन्हें जल्द से जल्द निकालने की अपील की है।
इन छात्रों ने कहा है कि वुहान पूरी तरह से बंद हो चुका है और इस वजह से उनके पास खाना और पानी भी खत्म होता जा रहा है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी उन्हें यहां से निकालें। याद रहे कि चीन समेत दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस का सबसे ज्यादा असर वुहान प्रांत में ही देखने को मिला है।
इस प्रांत को खाली कराने की कोशिशें जा रही हैं और यहां आने वाली ट्रेन व हवाई सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। चीन में भारतीय दूतावास ने वहां फंसे छात्रों से संपर्क किया है और उन्हें मदद का भरोसा दिया है। शहर में तेजी से फैल रहे वायरस की वजह से छात्र डरे हुए हैं।
दिल्ली समेत इन राज्यों के छात्र फंसे :
वुहान में फंसे छात्रों में असम, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर के हैं। असम के रहने वाले 22 साल के गौरव नाथ यहां से मेटिरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 'कोरोनावायरस की वजह से हमें कमरे के अंदर ही रहने को कहा है। इस वजह से हम कैंपस के अपने डोरमेट्री में फंसे हुए हैं।'
दो घंटे के लिए बाहर जाने की अनुमति :
गौरव ने बताया कि जरूरी सामान लाने के लिए उन्हें सिर्फ दो घंटे के लिए ही बाहर जाने की अनुमति है। मगर शहर की अधिकतर दुकानें बंद हैं। सभी दुकानें व परिवहन प्रणाली बंद हैं। जरूरी सामानों का बहुत ज्यादा अभाव है और जल्द ही हमारे पास खाने और पीने के लिए भी नहीं होगा। गौरव ने कहा कि चीन में भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है। हमने भारत सरकार से अपील की है कि वे जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी बचा लें।