असहाय हैं फ्रांस के स्वास्थ्यकर्मी: चर्च में सामूहिक प्रार्थना ने कोरोना को बना दिया ‘टाइम बम’
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भीड़ कोराना बम बनकर दुनिया के अलग-अलग देशों पर कहर बरपा रही है। फ्रांस के म्यूलहाउस स्थित चर्च में सालाना एक हफ्ते तक धार्मिक आयोजन होता है। 18 फरवरी को सामूहिक प्रार्थना हुई जिसमें दुनिया भर के हजारों लोग शामिल हुए।
इसके बाद लोग दुनिया के अलग-अलग कोने में पहुंचे और कोरोना वायरस टाइम बम बनकर अब अलग-अलग जगह कहर बरपा रहा है। फ्रांस सरकार अब कहने लगी है कि 18 फरवरी की सामूहिक प्रार्थना कोरोना का केंद्र बनी। 2500 संक्रमित मरीजों का संबंध इसी से जुड़ा है। अंदेशा है कि कोई संक्रमित व्यक्ति इसमें शामिल था।
लगा हमारे सामने है टाइम बम
कोरोना संक्रमण का पहला मामला जब 29 फरवरी को सामने आया तो अफसरों के हाथ पांव फूल गए। फ्रांस की नेशनल पब्लिक हेल्थ की डॉ. मिशेल वर्ने कहती हैं कि जब ये पता चला तो ‘हमें लगा कि हमारे सामने टाइम बम रखा है।’ वही टाइम बम अब कहर बरपा रहा है और हम असहाय हैं।
धार्मिक आयोजन के बाद जर्मनी ने बंद की सीमा...
धार्मिक आयोजन के बाद जर्मनी ने फ्रांस से लगती अपनी सीमा को बंद कर दिया। जर्मनी के अधिकारियों की मानें तो चर्च इस फैसले के लिए बड़ा कारण था। वहीं चर्च से जुड़े लोग भी कह रहे हैं कि प्रार्थना में शामिल हुए 17 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।