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कोरोना: पीपीई किट न मिलने पर पीओके के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ ने किया प्रदर्शन
Mon, 13 Apr 2020 08:45 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 13 Apr 2020 08:45 AM IST
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पीओके में प्रदर्शन करते डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट नहीं दी जा रही हैं। इसके बावजूद वह कोविड-19 से संक्रमित रोगियों का इलाज कर रहे हैं। मुजफ्फराबाद के अंबोर अस्पताल के डॉक्टर्स और अन्य कर्मचारियों का कहना है कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार उन्हें मौत की ओर धकेल रही है। उन्हें पीपीई किट के बिना काम करने को बोला जा रहा है।
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प्रदर्शन करने वाले एक सदस्य ने कहा, 'डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वीपर, और गार्ड सहित अंबोर अस्पताल में केवल 40 स्टाफ सदस्य हैं। क्या आप 40 लोगों को भी पीपीई नहीं दे सकते? क्या हमारे पास इतनी खराब व्यवस्था है? कुल 40 लोग इस अस्पताल को चला रहे हैं और आप हमें सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं। हम इसे धोकर दोबारा इस्तेमाल कर लेंगे।'
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पीओके में स्वास्थ्य सेवा की खराब व्यवस्था है और यह कोविड-19 के प्रकोप जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। प्रदर्शनकारी ने आगे कहा, 'हम पालियों में काम कर रहे हैं। यदि सरकार 40-45 किट प्रदान करने में असमर्थ है, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने उसे वोट क्यों दिया। क्या इसलिए की वह हमें मरने के लिए छोड़ दें? हमें जब तक पीपीई किट नहीं मिल जाती हम प्रदर्शन करना जारी रखेंगे। हम मास्क, दस्ताने और गाउन मांग रहे हैं। अगर हमें यह भी नहीं मिलता है, तो हम पीपीई किट प्राप्त करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।'
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पीओके के बहुत से क्षेत्रों में न तो डॉक्टर और न ही टेस्टिंग लैब ही मौजूद हैं। संदिग्ध कोरोना मरीज बिना जांच के लोगों के बीच आराम से घूम रहे हैं। पीओके में अब तक केवल 745 कोरोना वायरस के परीक्षण किए गए हैं और 34 मामले पॉजिटिव आए हैं। यह माना जाता है कि यदि क्षेत्र में परीक्षण सुविधाओं में सुधार होता है तो क्षेत्र में कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं।