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Congo Crisis: पूर्वी कांगो के सबसे बड़े शहर के बाहरी इलाकों में संघर्ष; सेना पर भारी पड़ते दिख रहे विद्रोही
Fri, 24 Jan 2025 09:11 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गोमा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गोमा
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 24 Jan 2025 09:11 AM IST
सार
खबर कांगो की है। जहां एक बार फिर उठे विद्रोह की आंधी से कई लोगों की जान चली गई तो सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। अब विद्रोही समूह अपनी पूरी रफ्तार के साथ सबसे बड़े शहर गोमा की ओर बढ़ रहें है, और उन्हें रोकने में कांगो की सेना भी कुछ ज्यादा असरदार साबित होती हुई नहीं दिख रही है।
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कांगो में विद्रोह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्वी कांगो के मुख्य शहर गोमा में इन दिनों दहशत का माहौल है। कारण है कि गुरुवार को एम23 विद्रोही समूह एक बार फिर इस शहर पर कब्जा करने के लिए गोमा के नजदीक आते जा रहे है और कांगो सेना के लिए उन्हें रोकना मुश्किल सा लग रहा है। खबर ये भी आ रही है कि एम23 विद्रोही समूह ने गोमा के पास के शहर साके पर कब्जा भी कर लिया है। देखा जाए तो साके गोमा से 27 किलोमीटर दूर है और ये शहर कांगो की सेना के लिए प्रमुख रास्तों में एक माना जाता है।
विद्रोहियों के निशाने पर गोमा शहर
कांगो में एक बार फिर उठे इस विद्रोह की आग में एम23 विद्रोही समूह ने हाल के हफ्तों में कांगो के कई शहर पर कब्जा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो अब विद्रोहियों के निशाने पर गोमा शहर है। सेना विद्रोहियों को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, हालांकि सेना के लिए विद्रोहियों को रोकना थोड़ा मुश्लिक साबित हो रहा है। कारणवश इस लड़ाई में कई स्थानिय लोगों के भी घायल होने की खबर सामने आ रही है। बता दें कि कांगो का मुख्य शहर गोमा में करीब 20 लाख लोग रहते है। जहां एक बार पहले भी 2012 में एम23 विद्रोहियों ने कब्जा किया था।
विद्रोही समूह का तर्क
कांगो में एक बार फिर फैसे इस दहशत में लोगों में डर का महौल है। मामले में विद्रोही समूह का कहना है कि वह गोमा के लोगों को आज़ाद करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि कांगो और संयुक्त राष्ट्र ने रवांडा पर आरोप लगाया है कि वह एम23 को समर्थन दे रहा है, जबकि रवांडा इस आरोप को नकारता है।
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लड़ाई के कारण कई लोगों ने छोड़ा घर
कांगो में उठी इस विद्रोह की आंधी ने सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। जहां लोग अपने और अपने परिवार को लेकर सुरक्षित स्थानों पर नाव के माध्यम से भाग रहें है। इस विद्रोह के कारण कई नागरिकों की मौत भी हो चुकी है। वहीं कई लोग घायल भी हो गए है।
यूएन और कांगो अधिकारियों ने की निंदा
देखा जाए तो ये बात तो सपष्ट है कि कांगो सेना एम23 विद्रोही समूह को रोकने में असफल साबित हो रही है और विद्रोही समूह मजबूती से गोमा की ओर बढ़ रहा है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र और कांगो के अधिकारियों ने इस हिंसा की निंदा की है और सभी पक्षों से मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
गोमा में डर का महौल
गौरतलब है कि कांगो में फैली इस अशांति को लेकर गोमा में स्थिति और गंभीर हो गई है। अब वहां के नागरिक भी डरे हुए हैं। सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संकट को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं और कांगो में शांति स्थापित करने की कोशिशें तेज कर रहे हैं।
क्या है एम23 विद्रोही समूह?
बात अगर एम23 विद्रोही समूह की करें तो ये विद्रोही समूह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य डीआरसी के पूर्वी हिस्सों में सक्रिय एक विद्रोही संगठन है। साथ ही इस विद्रोही समूह को कांगोई क्रांतिकारी सेना के नाम से भी जाना जाता है। ये समूह कांगो सरकार के खिलाफ लड़ता है।
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विद्रोहियों के निशाने पर गोमा शहर
कांगो में एक बार फिर उठे इस विद्रोह की आग में एम23 विद्रोही समूह ने हाल के हफ्तों में कांगो के कई शहर पर कब्जा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो अब विद्रोहियों के निशाने पर गोमा शहर है। सेना विद्रोहियों को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, हालांकि सेना के लिए विद्रोहियों को रोकना थोड़ा मुश्लिक साबित हो रहा है। कारणवश इस लड़ाई में कई स्थानिय लोगों के भी घायल होने की खबर सामने आ रही है। बता दें कि कांगो का मुख्य शहर गोमा में करीब 20 लाख लोग रहते है। जहां एक बार पहले भी 2012 में एम23 विद्रोहियों ने कब्जा किया था।
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विद्रोही समूह का तर्क
कांगो में एक बार फिर फैसे इस दहशत में लोगों में डर का महौल है। मामले में विद्रोही समूह का कहना है कि वह गोमा के लोगों को आज़ाद करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि कांगो और संयुक्त राष्ट्र ने रवांडा पर आरोप लगाया है कि वह एम23 को समर्थन दे रहा है, जबकि रवांडा इस आरोप को नकारता है।
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लड़ाई के कारण कई लोगों ने छोड़ा घर
कांगो में उठी इस विद्रोह की आंधी ने सैकड़ों लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। जहां लोग अपने और अपने परिवार को लेकर सुरक्षित स्थानों पर नाव के माध्यम से भाग रहें है। इस विद्रोह के कारण कई नागरिकों की मौत भी हो चुकी है। वहीं कई लोग घायल भी हो गए है।
यूएन और कांगो अधिकारियों ने की निंदा
देखा जाए तो ये बात तो सपष्ट है कि कांगो सेना एम23 विद्रोही समूह को रोकने में असफल साबित हो रही है और विद्रोही समूह मजबूती से गोमा की ओर बढ़ रहा है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र और कांगो के अधिकारियों ने इस हिंसा की निंदा की है और सभी पक्षों से मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
गोमा में डर का महौल
गौरतलब है कि कांगो में फैली इस अशांति को लेकर गोमा में स्थिति और गंभीर हो गई है। अब वहां के नागरिक भी डरे हुए हैं। सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संकट को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं और कांगो में शांति स्थापित करने की कोशिशें तेज कर रहे हैं।
क्या है एम23 विद्रोही समूह?
बात अगर एम23 विद्रोही समूह की करें तो ये विद्रोही समूह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य डीआरसी के पूर्वी हिस्सों में सक्रिय एक विद्रोही संगठन है। साथ ही इस विद्रोही समूह को कांगोई क्रांतिकारी सेना के नाम से भी जाना जाता है। ये समूह कांगो सरकार के खिलाफ लड़ता है।