{"_id":"68dde15d6b4fa3bfa906ab56","slug":"confusion-over-afghan-internet-outage-after-purported-taliban-statement-revealed-as-false-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Afghanistan: दो दिन बाद आंशिक रूप से बहाल हुई इंटरनेट सेवा, तालिबान के फर्जी बयान से भ्रम की स्थिति में लोग","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Afghanistan: दो दिन बाद आंशिक रूप से बहाल हुई इंटरनेट सेवा, तालिबान के फर्जी बयान से भ्रम की स्थिति में लोग
Thu, 02 Oct 2025 07:53 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 02 Oct 2025 07:53 AM IST
सार
अफगानिस्तान में सोमवार से इंटरनेट ठप होने के बाद बुधवार को कुछ हिस्सों में सेवा बहाल हुई। पहले तालिबान का बताया गया एक बयान सामने आया, जो बाद में फर्जी निकला। असली कारण साफ नहीं है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इससे बैंकिंग, व्यापार और राहत कार्यों पर असर पड़ा है।
विज्ञापन
सांकेतिकत तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान में सोमवार सोमवार से इंटरनेट सेवा बाधित होने के बाद बुधवार को कुछ नेटवर्क आंशिक रूप से बहाल हो गए। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इंटरनेट सेवा में यह बाधा जानबूझकर डाली गई थी या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है।
पहले यह खबर आई थी कि तालिबान ने एक बयान में कहा है कि इंटरनेट सेवा जानबूझकर नहीं रोकी गई है, बल्कि पुरानी फाइबर ऑप्टिक केबल खराब हो गई हैं और उनकी मरम्मत की जा रही है। लेकिन बाद में पता चला कि यह बयान असली नहीं था।
ये भी पढ़ें: अमेरिका में शटडाउन का दुनिया की अर्थव्यवस्था पर कैसा असर? अंतरराष्ट्रीय व्यापार होगा प्रभावित
विज्ञापन
तालिबान अक्सर पाकिस्तानी पत्रकारों से एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संवाद करता है। यह फर्जी बयान उस ग्रुप में नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर कुछ पत्रकारों को भेजा गया था। भेजने वाले का नाम तालिबान के आधिकारिक मीडिया ग्रुप से मिलता-जुलता था। लेकिन असल में वह व्यक्ति कौन था, इसकी पुष्टि नहीं सकी। बाद में वही बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया गया। लेकिन वह भी किसी तालिबान समर्थक के खाते से आया था, न कि तालिबान के आधिकारिक चैनल से।
तालिबान ने दी व्हाट्सएप ग्रुप में आधिकारिक प्रतिक्रिया
फर्जी बयान सामने आने के कुछ घंटे बाद बुधवार को तालिबान के व्हाट्सएप ग्रुप में पहली बार इंटरनेट पर रोक को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई। इस बार कहा गया कि मोबाइल सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने ग्रुप के एडमिन से पुष्टि की कि यह बयान असली है।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू-ईसाइयों पर हमलों की संयुक्त राष्ट्र में आलोचना, गुइमारा कांड पर जताई गंभीर चिंता
आंशिक रूप से हो रही इंटरनेट सेवा की बहाली
बयान में तालिबान के दूरसंचार तकनीकी विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि संबंधित टीमें सेवाएं पूरी तरह बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने बुधवार को एक्स पर बताया कि अफगानिस्तान में दो दिन तक दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह ठप रहने के बाद अब आंशिक रूप से इंटरनेट सेवाएं बहाल हो रही हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब तालिबान नेतृत्व टेलीकॉम कंपनियों पर नई तरह की पाबंदियां लागू कर रहा है।
बैंकिंग, व्यापार और विमानन सेवाएं भी प्रभावित
नेटब्लॉक्स ने सोमवार को कहा था कि पूरे अफगानिस्तान, खासकर राजधानी काबुल में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और फोन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इंटरनेट बंद होने से बैंकिंग, व्यापार और विमानन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
विज्ञापन
पहले यह खबर आई थी कि तालिबान ने एक बयान में कहा है कि इंटरनेट सेवा जानबूझकर नहीं रोकी गई है, बल्कि पुरानी फाइबर ऑप्टिक केबल खराब हो गई हैं और उनकी मरम्मत की जा रही है। लेकिन बाद में पता चला कि यह बयान असली नहीं था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अमेरिका में शटडाउन का दुनिया की अर्थव्यवस्था पर कैसा असर? अंतरराष्ट्रीय व्यापार होगा प्रभावित
विज्ञापन
तालिबान अक्सर पाकिस्तानी पत्रकारों से एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए संवाद करता है। यह फर्जी बयान उस ग्रुप में नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर कुछ पत्रकारों को भेजा गया था। भेजने वाले का नाम तालिबान के आधिकारिक मीडिया ग्रुप से मिलता-जुलता था। लेकिन असल में वह व्यक्ति कौन था, इसकी पुष्टि नहीं सकी। बाद में वही बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया गया। लेकिन वह भी किसी तालिबान समर्थक के खाते से आया था, न कि तालिबान के आधिकारिक चैनल से।
तालिबान ने दी व्हाट्सएप ग्रुप में आधिकारिक प्रतिक्रिया
फर्जी बयान सामने आने के कुछ घंटे बाद बुधवार को तालिबान के व्हाट्सएप ग्रुप में पहली बार इंटरनेट पर रोक को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई। इस बार कहा गया कि मोबाइल सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने ग्रुप के एडमिन से पुष्टि की कि यह बयान असली है।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू-ईसाइयों पर हमलों की संयुक्त राष्ट्र में आलोचना, गुइमारा कांड पर जताई गंभीर चिंता
आंशिक रूप से हो रही इंटरनेट सेवा की बहाली
बयान में तालिबान के दूरसंचार तकनीकी विभाग के अधिकारियों से कहा गया कि संबंधित टीमें सेवाएं पूरी तरह बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने बुधवार को एक्स पर बताया कि अफगानिस्तान में दो दिन तक दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह ठप रहने के बाद अब आंशिक रूप से इंटरनेट सेवाएं बहाल हो रही हैं। उन्होंने आगे यह भी बताया कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब तालिबान नेतृत्व टेलीकॉम कंपनियों पर नई तरह की पाबंदियां लागू कर रहा है।
बैंकिंग, व्यापार और विमानन सेवाएं भी प्रभावित
नेटब्लॉक्स ने सोमवार को कहा था कि पूरे अफगानिस्तान, खासकर राजधानी काबुल में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और फोन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इंटरनेट बंद होने से बैंकिंग, व्यापार और विमानन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।