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बांग्लादेश : तटरक्षकों ने नाव में फंसे 396 रोहिंग्याओं को बचाया, भूख-प्यास के कारण 24 की मौत

Fri, 17 Apr 2020 02:03 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 17 Apr 2020 02:03 AM IST
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Coast Guard rescues 396 Rohingyas stranded in boat bangladesh, 24 died due to hunger and thirst
समुद्र में फंसे रोहिंग्या - फोटो : Malaysian Maritime Enforcement Agency

मलयेशिया पहुंचने में असफल रहने के बाद बांग्लादेश में हफ्तों तक फंसी नाव से देश के तटरक्षक अधिकारियों ने 396 रोहिंग्याओं को बचा लिया है जबकि इस दौरान 24 की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान रोहिंग्याओं की मौत यहां भूख-प्यास के चलते हुई। बांग्लादेश के एक तटरक्षक अधिकारी ने बताया कि ये रोहिंग्या लगभग दो महीने से समुद्र में भूखे-प्यासे ही थे।

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बुधवार को देर रात को जहाज को तट पर लाया गया। कॉक्स बाजार के उपायुक्त कमल हुसैन ने बताया कि इन्हें शुरू में हिरासत में लेकर राहत शिविरों में रखा गया है। इनमें छह पुरुष, पांच महिलाएं, 20 लड़कियां और 12 लड़के शामिल हैं। लेकिन इन सभी रोहिंग्याओं को अब  गुरुवार से वापस म्यांमार भेजा जा रहा है। बता दें कि दक्षिण पूर्व एशिया में शरण पाने की उम्मीद लेकर रोहिंग्या अल्पसंख्यक नावों में सवार होकर आमतौर पर नवंबर से मार्च तक शुष्क मौसम के दौरान यात्राएं करते हैं।
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एक मानवाधिकार समूह ने कहा कि रोहिंग्याओं को ले जाने वाली नौकाएं इधर-उधर दिशा भटककर समुद्र में फैली हुई थीं। मलयेशिया और थाईलैंड में कोरोना वायरस लॉक डाउन के कारण उनका शरण पाना कठिन हो गया। बताते चलें कि दक्षिणी बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में एक लाख से ज्यादा रोहिंग्या अल्पसंख्यक रहते हैं।

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भूख-प्यास से कमजोर हुए महिला-बच्चे

बांग्लादेश के तटरक्षक अधिकारियों ने बताया कि समुद्र में से जीवित बचाए गए अल्पसंख्यक रोहिंग्याओं में ज्यादातर महिलाओं और बच्चों की भीड़ शामिल थी। ये लोग भूख-प्यास से इतने कमजोर हो गए थे कि ठीक से खड़े तक  नहीं हो पा रहे थे। उन्हें मदद देकर किनारे पर उतारा गया। एक कमजोर आदमी रेत पर लेट गया। एक शरणार्थी ने बताया कि समूह को तीन बार मलयेशिया से वापस लाया गया था और एक समय ऐसा आया, जब यात्रियों और चालक दल के बीच लड़ाई हो गई।

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