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Indonesia: पापुआ क्षेत्र में इंडोनेशियाई सेना और अलगाववादी समूह के बीच संघर्ष, एक गांव में 14 लोगों की मौत

Thu, 16 Oct 2025 10:16 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 16 Oct 2025 10:16 PM IST
सार

इससे पहले अप्रैल महीने में अलगाववादियों ने याहुकिमो क्षेत्र में सोने की खोज के शिविर पर हमला किया, जिसमें 17 लोग मारे गए। अलगाववादियों ने दावा किया कि मृतक इंडोनेशिया सेना के लोग थे जो सोने की खोज करने वाले मजदूरों के रूप में आए थे, जिसे अधिकारियों ने खारिज कर दिया।

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Clash between Indonesian army and insurgents leaves 14 dead in village in Papua region
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

इंडोनेशिया की सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने पापुआ क्षेत्र के इंटान जाया जिले के सोआंगगामा गांव को फिर से अपने कब्जे में ले लिया। सेना का दावा है कि इस संघर्ष में 14 अलगाववादी मारे गए। हालांकि, अलगाववादियों ने यह दावा खारिज किया है और कहा कि मारे गए में केवल तीन ही लड़ाके थे, जबकि नौ आम नागरिकों की हत्या की गई। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इवान द्वि प्रिहरतोनो ने बताया कि बुधवार सुबह दर्जनों अलगाववादी, जो हथियार और धनुष-बाण लेकर आए थे, ने सैनिकों पर हमला किया। सैनिक उस समय एक अलगाववादी पोस्ट पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे थे।
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छह घंटे से अधिक समय तक चला संघर्ष
प्रिहरतोनो के अनुसार, सैनिकों ने छह घंटे और 30 मिनट तक चली लड़ाई के बाद अलगाववादियों को खदेड़ दिया और गांव पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने बताया कि सैनिकों को किसी भी तरह के नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा। सेना ने इस दौरान एक घरेलू राइफल, चार एयर राइफल, गोलियां, दूरबीन, संचार उपकरण और अलगाववादी संगठन का 'मॉर्निंग स्टार' झंडा बरामद किया। उन्होंने कहा, 'बाकी अलगाववादी जंगल की ओर भाग गए और हमने उनका बेस कब्जे में ले लिया।'
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अलगाववादियों ने सेना का दावा किया खारिज
पश्चिम पापुआ लिबरेशन आर्मी (फ्री पापुआ ऑर्गेनाइजेशन का सैन्य हिस्सा) के प्रवक्ता सेबी सांबॉम ने सेना के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि गांव में कोई अलगाववादी बेस नहीं था और मारे गए 14 लोगों में से नौ आम नागरिक थे। उनका कहना था कि केवल तीन ही अलगाववादी थे। सांबॉम ने बताया कि सेना ने एक घर को घेर लिया और उसे अलगाववादी पोस्ट समझकर आठ लोगों की हत्या कर दी। उन्होंने कहा, 'हमारे पास युद्ध के नियम हैं, हम कभी भी किसी आवासीय इलाके में बेस नहीं बनाएंगे।'

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पापुआ में हिंसा का इतिहास
पापुआ में अलगाववादी आंदोलन 1960 के दशक से चल रहा है, जब इंडोनेशिया ने इस क्षेत्र को अपने कब्जे में लिया था। पापुआ को 1969 में इंडोनेशिया में शामिल किया गया था, जब एक संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित मतदान हुआ था, जिसे व्यापक रूप से विवादित माना गया। हाल के वर्षों में पापुआ में हिंसा बढ़ी है।
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