Jinping Grip on Military: चीन में सेना पर नियंत्रण मजबूत करेंगे जिनपिंग, नेवी चीफ-परमाणु वैज्ञानिक निष्कासित
चीन के राष्ट्राध्यक्ष सेना पर नियंत्रण मजबूत करने की कवायद कर रहे हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निर्देश पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों में शुद्धिकरण प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के नौसेना प्रमुख और परमाणु वैज्ञानिक को निष्कासित कर दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला
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चीन के रक्षा संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। नौसेना प्रमुख और एक शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक को देश की संसद से निष्कासित कर दिया गया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल ली हानजुन और चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन (CNNC) के डिप्टी चीफ इंजीनियर लियू शिपेंग को नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) से बाहर कर दिया गया है। ली हानजुन सैन्य अधिकारियों में शामिल हैं जो हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे हैं। खबर के मुताबिक दोनों अधिकारियों को हटाए जाने का यह कदम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में देश की सेना- PLA में चल रहे बड़े पैमाने पर शुद्धिकरण अभियान का हिस्सा है।
PLA के सबसे युवा जनरल पर लगे गंभीर आरोप
देश की सरकारी समाचार एजेंसी- शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, NPC की स्थायी समिति ने अपने सत्र के अंत में केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के सदस्य जनरल मियाओ हुआ को भी उनके पद से हटा दिया। मियाओ PLA के सबसे युवा जनरल थे। हालांकि, नवंबर 2024 से ही अनुशासन के उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही थी। उन्हें अप्रैल 2025 में NPC से पहले ही बर्खास्त कर दिया गया था।
शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद मियाओ का करियर तेजी से बढ़ा
मियाओ CMC के पॉलिटिकल वर्क डिपार्टमेंट के निदेशक भी थे। यह विभाग PLA में जिनपिंग की पार्टी की विचारधारा और कार्मिक परिवर्तन जैसे मामलों को नियंत्रित करता है। शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद मियाओ का करियर तेजी से आगे बढ़ा। वे नौसेना में राजनीतिक कमिसार (political commissar) थे, इसके बाद उन्हें PLA का सबसे युवा एडमिरल होने का मौका मिला। मियाओ CMC से बाहर किए गए दूसरे सदस्य हैं। माना जा रहा है कि शी जिनपिंग भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम पूरी ताकत से जारी रहेगी। अब इसका असर चीन के सबसे शक्तिशाली सैन्य व वैज्ञानिक संस्थानों में भी दिख रहा है।
चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में अनुशासन का जिक्र
निष्कासन के बाद चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा, मियाओ के खिलाफ 'अनुशासन के गंभीर उल्लंघन' की जांच की जा रही है। आमतौर पर चीन में भ्रष्टाचार के मामलों में अनुशासन का जिक्र किया जाता है। बता दें कि शी जिनपिंग ने वर्ष 2012 के अंत से सत्ता संभाली थी।
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क्या जिनपिंग सेना और CPC पर नियंत्रण को मजबूत करने की ताक में हैं
दो करोड़ से अधिक सैन्य बल वाले PLA में जिनपिंग अब तक कई उच्चस्तरीय अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त या दंडित कर चुके हैं। इनमें दो पूर्व रक्षा मंत्री भी शामिल हैं। यह कार्रवाई शी के सेना और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) पर नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जाती है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति जिनपिंग अपने भाषणों में अक्सर PLA अधिकारियों में पार्टी के प्रति निष्ठा और वैचारिक अनुशासन पर जोर देते रहते हैं। उन्होंने चीन के वैश्विक सैन्य महाशक्ति बनने के लक्ष्य पर लगातार जोर दिया है।
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