China: आबादी बढ़ाने की बेसब्री में कैसे-कैसे फैसले ले रही चीन सरकार!
China: चीन में हर बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसी आधार पर मातृत्व बीमा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा नवजात बच्चों को स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी समाज कल्याण संबंधी सेवाएं भी रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही मुहैया कराई जाती हैं...
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आबादी घटने से परेशान चीन में सरकारें अब अजीबोगरीब फैसले लेने लगी हैं। देश के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन ने अविवाहित लोगों को बच्चे पैदा करने की इजाजत दे दी है। चीन मोटे तौर पर एक कंजरवेटिव (रूढ़िवादी) समाज है। यहां अविवाहित जोड़ों के साथ रहने या समलैंगिक संबंधों को सामाजिक स्वीकृति नहीं है। लेकिन चीन में सरकारें जन भावनाओं के खिलाफ जाकर भी जन्म दर बढ़ाने की कोशिश में जुट गई हैं।
पिछले साल 61 वर्ष के बाद ऐसा पहली बार हुआ, जब चीन की आबादी घटी। विशेषज्ञों ने कहा है कि चीन में जनसंख्या संबंधी संकट आने वाले दशकों में गंभीर रूप ले सकता है। इससे चीन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। इसी आशंका के बीच सिचुआन प्रांत की सरकार ने नए फैसलों का एलान किया है। इसके तहत विवाहित जोड़ों को दो से भी ज्यादा बच्चे पैदा करने की इजाजत दी गई है। सरकारी घोषणा में कहा गया है कि अगले 15 फरवरी से विवाहित या अविवाहित माता-पिता असीमित संख्या में बच्चों का पंजीकरण करवा सकेंगे।
चीन में हर बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसी आधार पर मातृत्व बीमा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा नवजात बच्चों को स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी समाज कल्याण संबंधी सेवाएं भी रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही मुहैया कराई जाती हैं।
सिचुआन सरकार के स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि बच्चे पैदा करने के लिए विवाहित होने की अनिवार्यता अब खत्म कर दी गई है। अब विवाहित या अविवाहित जो लोग भी माता-पिता बनना चाहेंगे, उन्हें इसकी इजाजत होगी और उनके बच्चों को रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी। आयोग के एक अधिकारी ने सरकारी मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि ताजा फैसला सिंगल मदर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। अधिकारी ने खंडन किया कि सरकार अविवाहित लोगों को माता-पिता बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि नए फैसले के तहत अब सिंगल अभिभावक को भी वे तमाम लाभ मिलेंगे, जो अब तक सिर्फ विवाहित दंपतियों को ही मिलते थे। इनमें बच्चों के जन्म के समय मिलने वाला मेडिकल खर्च और वेतन के साथ मातृत्व अवकाश भी शामिल है।
सिचुआन प्रांत की आबादी आठ करोड़ 30 लाख है। आबादी के लिहाज से यह चीन का आठवां सबसे बड़ा प्रांत है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट मुताबिक सिचुआन के पहले ग्वांगदोंग और शांक्सी जैसे प्रांत जन्म दर बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन संबंधी योजनाएं घोषित कर चुके हैं।
चीन में लगभग चार दशक तक वन चाइल्ड पॉलिसी पर अमल किया गया। उसके तहत सरकारी सुविधाएं सिर्फ एक बच्चे के जन्म पर मिलती थीं। 2015 में चीन सरकार ने इस नीति को रद्द कर दो बच्चों को पैदा करने की इजाजत दे दी। 2021 में उन्होंने दो बच्चों की सीमा भी हटा दी। अब वे अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के मकसद हर संभव कदम उठा रहे हैं।