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China Nepal Relations: सत्ता बदलते ही नेपाल से करीबी बढ़ाने लगा चीन, काठमांडू पहुंची विशेषज्ञों की टीम
Tue, 27 Dec 2022 10:20 PM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 27 Dec 2022 10:20 PM IST
सार
China Nepal Relations: चीनी दूतावास ने बताया कि चीन-नेपाल क्रॉस-बॉर्डर रेलवे के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ टीम मंगलवार को काठमांडू पहुंची।
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चीन-नेपाल
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
नेपाल में पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद ही चीन भी हिमालयी राष्ट्र से नजदीकी बढ़ाने लगा है। प्रचंड के प्रधानमंत्री बनने के एक दिन बाद ही चीन ने मंगलवार को नेपाल-चीन क्रॉस-बॉर्डर रेलवे लाइन की व्यवहार्यता अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम काठमांडू भेजी। चीन के करीबी माने जाने वाले प्रचंड ने सोमवार को तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
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चीनी दूतावास ने ट्विटर पर कहा कि चीन-नेपाल क्रॉस-बॉर्डर रेलवे के व्यवहार्यता अध्ययन और सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ टीम मंगलवार को काठमांडू पहुंची और चीन के मिशन प्रमुख वांग शिन ने उनका स्वागत किया। काठमांडू में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि यह दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण परियोजना है और चीन की सीमा से जुड़े नेपाल को बदलने के लिए एक ठोस कदम है।
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नेपाली संसद ने मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन को दी थी मंजूरी
बता दें, फरवरी 2022 में नेपाली संसद ने घरेलू राजनीतिक विरोध और चीन की आपत्तियों के बावजूद विवादित 500 मिलियन डॉलर के अमेरिकी सहायता कार्यक्रम- मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) को मंजूरी दी थी। इसके बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कहा था कि अमेरिका को 'थोपने वाली कूटनीति' के जरिए अन्य देशों की संप्रभुता को कमजोर नहीं करना चाहिए। चीन अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत ट्रांस-हिमालयी कनेक्टिविटी परियोजनाओं सहित विभिन्न बुनियादी ढांचे के उपक्रमों के जरिए नेपाल में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है।
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अमेरिका ने प्रधानमंत्री प्रचंड को बधाई दी
इस बीच अमेरिका ने मंगलवार को नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ को बधाई दी। यूएस ने कहा कि लोकतंत्र के प्रति नेपाल की प्रतिबद्धता पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। वह द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर हमेशा नेपाल सरकार के साथ खड़ा रहेगा।