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INS Vikrant: आईएनएस विक्रांत से चिढ़ा चीन, सरकारी अखबार ने भारतीय युद्धपोत का उड़ाया मजाक
Mon, 05 Sep 2022 12:52 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 05 Sep 2022 12:52 AM IST
सार
ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा कि पश्चिमी देश चीनी नौसेना को भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के प्रमुख लक्ष्यों में से एक के रूप में पेश कर रहे हैं। वो भारत और चीन के बीच तनाव को उकसा रहे हैं। इससे भारतीय लोगों में चीन को लेकर राय बनेगी और सरकार पर बीजिंग के खिलाफ फैसले लेने का दबाव बनेगा।
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आईएनएस विक्रांत।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारतीय नौसेना के बेड़े में आईएनएस विक्रांत के शामिल होने से चीन डर गया है। यही कारण है कि पहले चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने तीसरे विमानवाहक पोत टाइप 003 फुजियान के साथ तुलना कर आईएनएस विक्रांत का मजाक उड़ाने की कोशिश की। फिर बाद में उसने रुख बदला और भारत को पश्चिमी देशों को लेकर सलाह दे डाली।
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ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा कि पश्चिमी देश चीनी नौसेना को भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के प्रमुख लक्ष्यों में से एक के रूप में पेश कर रहे हैं। वो भारत और चीन के बीच तनाव को उकसा रहे हैं। इससे भारतीय लोगों में चीन को लेकर राय बनेगी और सरकार पर बीजिंग के खिलाफ फैसले लेने का दबाव बनेगा। सीएनएन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विमानवाहक पोत ने भारत को दुनिया की नौसैनिक शक्तियों की एक विशिष्ट श्रेणी में पहुंचाया है।
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इस पर चीन के सरकारी अखबार ने चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एशिया पैसिफिक स्टडीज विभाग के निदेशक लैन जियानक्स्यू के हवाले से कहा कि चीन ने कभी भी भारत को खतरा नहीं माना है और न ही चीन ने भारत को एक काल्पनिक प्रतिद्वंद्वी और लक्ष्य के रूप में देखा है। चीन अपने खुद के विमान वाहक और नौसेना को विकसित कर रहा है। उसने कहा कि भारत का सबसे बड़ा दुश्मन उसकी अपनी गरीबी, पिछड़ापन और अपर्याप्त विकास है, जैसा कि कुछ भारतीय विद्वानों ने स्वीकार किया है।
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