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चीन ने कहा: विकासशील देशों व उभरते बाजारों के बीच सहयोग का मंच है ब्रिक्स
Thu, 03 Jun 2021 02:21 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, बीजिंग
एजेंसी, बीजिंग
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 03 Jun 2021 02:21 AM IST
सार
- चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, ब्रिक्स को वैश्विक एकता को बढ़ावा देने में अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करना होगा। शासन की खामियों को सुधारने में अपने विवेक का इस्तेमाल करना होगा और सामान्य चुनौतियों के वैश्विक समाधान में योगदान देना होगा।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन
- फोटो : twitter
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विस्तार
चीन ने बुधवार को कहा, ब्रिक्स दुनिया के उभरते बाजारों व विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक मॉडल है। यह संयुक्त राष्ट्र केंद्रित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली और बहुपक्षवाद का समर्थन करता है। चीन का यह बयान भारत द्वारा ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक की मेजबानी करने के ठीक एक दिन बाद आया है।
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बैठक के निष्कर्षों से जुड़े सवालों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, बैठक में कोरोना, बहुपक्षवाद और हॉटस्पॉट के मुद्दों पर चर्चा हुई और पांचों सदस्य देश एक आम सहमति पर पहुंचे। महामारी के इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स देशों को लोगों की सेहत, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के संरक्षण की दिशा में काम करना होगा। साथ ही वैश्विक विकास और विश्व शांति के लिए भी योगदान देना होगा।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, ब्रिक्स को वैश्विक एकता को बढ़ावा देने में अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करना होगा। शासन की खामियों को सुधारने में अपने विवेक का इस्तेमाल करना होगा और सामान्य चुनौतियों के वैश्विक समाधान में योगदान देना होगा।
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बता दें, वर्ष 2021 के लिए ब्रिक्स का अध्यक्ष होने के नाते भारत ने इस बैठक की मेजबानी की जिसमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री ग्रेस नालेदी मंडिसा पांडोर और ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रांको ने हिस्सा लिया एवं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी अध्यक्षता की।
क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की जरूरत संबंधी जयशंकर का बयान पूर्वी लद्दाख में भारत एवं चीन के बीच सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि में आया। बाद में लावरोव ने भी मॉस्को में संवाददाता सम्मेलन में ऐसी ही टिप्पणी की।
संयुक्त बयान के अनुसार, इस संगठन के विदेश मंत्रियों ने सीमा पार आतंकवाद समेत सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने का संकल्प भी लिया एवं भारत समर्थित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद (निरोधक) समग्र संधि के प्रति समर्थन जुटाने के लिए संयुक्त प्रयास तेज करने का निश्चय भी किया।