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China: चीन में मंकीपॉक्स वैक्सीन के क्लीनिकल परीक्षण को मिली मंजूरी, सिनोफार्म कंपनी ने शुरू की तैयारी

Tue, 10 Sep 2024 06:56 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: बशु जैन Updated Tue, 10 Sep 2024 06:56 PM IST
सार

नियमों के मुताबिक चीन में एक वैक्सीन को बाजार में भेजने की मंजूरी से पहले क्लीनिकल परीक्षण के तीन चरणों से गुजरना पड़ता है। कंपनी ने बताया कि नया टीका एमवीए के स्ट्रेन से लड़ने में कारगर होगा। यह अमेरिका द्वारा बनाई गई दुनिया की पहली वैक्सीन जैसी ही होगी। 

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China’s drug regulator clears mpox vaccine; to undergo clinical trial
मंकीपॉक्स - फोटो : freepik.com

विस्तार

दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) संक्रमण के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। वायरल जूनोटिक रोग से मध्य और पश्चिमी अफ्रीका के देश सबसे ज्यादा प्रभावित देखे जा रहे हैं। इस संक्रमण से लड़ने के लिए चीन के दवा नियामक ने दवा कंपनी सिनोफार्म कंपनी को एमपॉक्स वैक्सीन के क्लीनिकल परीक्षण को मंजूरी दे दी है। इस संक्रमण से लड़ने के लिए देश की यह पहली खुराक होगी। 

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कंपनी ने बताया कि वैक्सीन को शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स और सिनोफार्म कंपनी ने तैयार किया है। इसके मंकी पॉक्स संक्रमण को रोकने और नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। अब तक चीन में एम पॉक्स की कोई वैक्सीन नहीं है। केवल अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय संघ, जापान और रूस में एमपॉक्स टीकों को मंजूरी मिली है। 
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नियमों के मुताबिक चीन में एक वैक्सीन को बाजार में भेजने की मंजूरी से पहले क्लीनिकल परीक्षण के तीन चरणों से गुजरना पड़ता है। इसके लिए चीन के शीर्ष दवा नियामक नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन ने नई दवाओं और टीकों के अनुप्रयोगों की सुविधा के लिए कई चैनल बनाए हैं। कंपनी ने बताया कि नया टीका एमवीए के स्ट्रेन से लड़ने में कारगर होगा। यह अमेरिका द्वारा बनाई गई दुनिया की पहली वैक्सीन जैसी ही होगी। 
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने 14 अगस्त को तेजी से फैल रहे एमपॉक्स वायरस (जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था) को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। मुख्य रूप से, वायरस के दो अलग-अलग समूह एलए और एलबी, डीआरसी में महत्वपूर्ण चिंता पैदा कर रहे हैं।


क्या है एमपॉक्स?
डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के अनुसार, एमपॉक्स वायरस एक ऑर्थोपॉक्स वायरस है, जो चेचक के समान लक्षणों वाली बीमारी है, हालांकि कम गंभीर है।

इस देश से फैलना शुरू हुआ मंकीपॉक्स
मौजूदा समय में दुनिया भर के देशों में इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, मंकीपॉक्स की शुरुआत अफ्रीका के कांगो से शुरू हुई। इस देश से ये वायरस दूसरे देशों में अपने पांव पसार चुका है। कांगो में मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसे रोकने के लिए अफ्रीका द्वीप पर वैक्सीन भी थोड़ी ही मौजूद है।

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