चीन की योजना: मंगल ग्रह पर मानव बस्तियों को जोड़ने के लिए बना रहा ड्रोन, ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा होगी स्पीड
चीन के बेहांग विश्वविद्यालय के अंतरिक्ष विज्ञान स्कूल के प्रोफेसर जूजू और उनके सहयोगियों द्वारा की गई गणना के अनुसार, मैग्नीशियम पर चलने वाले जेट इंजन द्वारा संचालित 500 किलोग्राम का ड्रोन 3,800 मील प्रति घंटा (एमपीएच) तक उड़ सकता है।
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स्पेसएक्स कंपनी के मालिक और दुनिया के सबसे धनी अरबपति एलन मस्क ने मंगल ग्रह पर इंसानी बस्तियां बसाने का लक्ष्य रखा है, तो वहीं चीन इंसानी बस्तियों को धरती से जोड़ने के लिए तेज गति से चलने वाला ड्रोन तैयार करने की योजना बना रहा है। चीनी वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर भविष्य की मानव कॉलोनियों को जोड़ने के लिए ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से उड़ान भरने वाले ड्रोन बनाने की योजना तैयार की है।
बीजिंग में बेहांग विश्वविद्यालय के अंतरिक्ष विज्ञान स्कूल के प्रोफेसर जूजू और उनके सहयोगियों द्वारा की गई गणना के अनुसार, मैग्नीशियम पर चलने वाले जेट इंजन द्वारा संचालित 500 किलोग्राम का ड्रोन 3,800 मील प्रति घंटा (एमपीएच) तक उड़ सकता है।
2035 तक चीन एक घंटे के भीतर पृथ्वी पर कहीं भी उड़ान भरने में सक्षम एक हाइपरसोनिक विमान बनाने की योजना बना रहा है और 2045 तक इसका लक्ष्य अंतरिक्ष विमानों का एक बेड़ा तैयार करने का है, जो कक्षा में उड़ान भरने में सक्षम हो। चीन की अंतरग्रहीय महत्वाकांक्षाओं के संकेत में, प्रोफेसर जू ने कहा कि हाइपरसोनिक ड्रोन संभावित रूप से 2050 के दशक में मंगल ग्रह के चारों ओर उड़ सकते हैं।
बता दें कि स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने संभावित तीसरे विश्वयुद्ध से पहले मंगल ग्रह पर इंसान की बस्तियां बसाने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह पर बसाए जाने वाले इस शहर में सभी चीजें स्वत: संचालित होंगी। एलन मस्क ने मार्स सोसायटी के वर्चुअल सम्मेलन में मंगल ग्रह पर बस्तियां बसाने की योजना का एलान किया था।
इससे पहले मस्क ने कहा था कि उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक मंगल पर इंसान को उतारना है। वहीं अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वर्ष 2033 तक इंसान मंगल ग्रह भेजने की योजना बनाई है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इंसान जल्द से जल्द मंगल ग्रह नहीं गया तो मानवता के अस्तित्व पर संकट आ सकता है।
तीसरे विश्वयुद्ध से पहले मंगल ग्रह पर शहर बसाने का प्रयास करना चाहिए: मस्क
मस्क ने फरवरी माह में हुए सम्मेलन में कहा था कि 'मैं समझता हूं कि मंगल पर स्वत: संचालित शहर बसाने के लिए एक लक्ष्य का निर्धारण करना काफी मददगार है। हमारा लक्ष्य कुछ लोग या अड्डा नहीं बल्कि एक स्वत: संचालित शहर बसाना होना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि यह परीक्षण करना जरूरी है कि क्या अगर पृथ्वी से किसी वजह से सप्लाइ बंद हो जाए या परमाणु विनाश हो जाए तो मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती खत्म हो जाएगी या नहीं। मस्क ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो हम एक सुरक्षित स्थान पर नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'क्या हम तीसरे विश्वयुद्ध से पहले या बाद में मंगल ग्रह पर एक इंसानी बस्ती बसाने में सफल हो जाएंगे? मैं आशा करता हूं कि कभी तीसरा विश्वयुद्ध न हो लेकिन अगर ऐसा होता है तो मंगल ग्रह पर बस्ती बसाने की संभावना कम हो जाएगी। स्पेसएक्स के सीईओ ने कहा कि हमें किसी तीसरे विश्वयुद्ध से पहले मंगल ग्रह पर एक स्वत: संचालित शहर बसाने का प्रयास करना चाहिए।