फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China officially stated for first time it has boundary dispute with Bhutan in eastern western and central sector

चीन ने पहली बार मानी भूटान के साथ सीमा विवाद की बात, मंत्रालय ने जारी किया बयान

Sun, 05 Jul 2020 09:32 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 05 Jul 2020 09:32 AM IST
विज्ञापन
China officially stated for first time it has boundary dispute with Bhutan in eastern western and central sector
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

चीन ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पहली बार माना कि उसका पूर्वी क्षेत्र में भूटान के साथ सीमा विवाद है। ऐसा तब हुआ है जब अरुणाचल प्रदेश की सीमा भूटान से लगती है और यहां भी भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद है। चीन के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि चीन-भूटान सीमा को कभी भी सीमांकित नहीं किया गया है और पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भाग पर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

विज्ञापन

मंदारिन में जारी किए बयान में आगे कहा गया है, ‘तीसरे पक्ष को चीन-भूटान सीमा मुद्दे पर उंगलियां नहीं उठानी चाहिए।’ इसमें उसने भारत का बिना नाम लिए जिक्र किया है। भूटान और चीन ने अपने सीमा विवाद के मुद्दे को सुलझाने के लिए 1984 और 2016 के बीच 24 दौर की वार्ता की है। 
विज्ञापन



भूटानी संसद और इन बैठकों के अन्य सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, चर्चा केवल सीमा के पश्चिमी और मध्य भाग के विवादों पर केंद्रित रही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सीमा बातचीत में पूर्वी भाग को लेकर कभी कोई बात नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- चीन की नई चाल, अब भूटान की जमीन को बताया अपना, थिंपू ने कहा- गलत है दावा

उन्होंने कहा, ‘दोनों पक्षों ने कहा था कि बातचीत को केंद्रीय और पश्चिमी वर्गों तक सीमित कर दिया गया था और यहां तक कि इस मुद्दे को निपटाने के लिए एक पैकेज डील पर भी बात चल रही थी। यदि पूर्वी भाग पर चीनी की स्थिति वैध थी, तो इसपर पहले भी बात की जानी चाहिए थी।’


भूटान के एक विशेषज्ञ जिनकी बातचीत पर नजर रही है, उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह से नया दावा है। दोनों पक्षों के बीच हुई बैठकों के मिनट्स हैं जो विवाद को केवल पश्चिमी और केंद्रीय भाग तक सीमित करते हैं।' भारतीय अधिकारियों ने चीन के दावे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विवाद के वास्तविक क्षेत्रों का विस्तार किए बिना चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है, ‘चीन और भूटान के बीच सीमा को कभी भी सीमांकित नहीं किया गया है। पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में लंबे समय से विवाद चल रहे हैं और कोई नए विवादित क्षेत्र नहीं हैं। चीन हमेशा चीन-भूटान सीमा विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए तैयार है।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed