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China Defence Expenditure: 'हमारा रक्षा खर्च सीमित...', चीन ने ठुकराई सैन्य व्यय में कटौती की ट्रंप की पेशकश

Tue, 25 Feb 2025 07:20 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 25 Feb 2025 07:20 PM IST
सार

China Defence Expenditure: चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा बजट में 50 फीसदी की कटौती करने के प्रस्ताव को खारिज किया। चीन का कहना है कि उसका रक्षा खर्च केवल अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए है।

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China not keen to join Trump’s 50 per cent defence cut proposal
लिन जियान, प्रवक्ता, चीनी विदेश मंत्रालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

चीन ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव पर सहमति से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका, रूस और चीन के रक्षा बजट में 50 फीसदी की कटौती की बात की थी। बीजिंग ने कहा कि उसका रक्षा पर होने वाला खर्च 'सीमित' है, और यह केवल उसकी अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों की रक्षा करने के लिए है। 

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ट्रंप की पेशकश पर क्या बोला चीन
ट्रंप की पेशकश पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, चीन का सीमित रक्षा खर्च पूरी तरह से राष्ट्र की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने और दुनिया में शांति बनाए रखने की आवश्यकता के कारण है। 
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा था 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 13 फरवरी को कहा था, 'मेरी पहली बैठक राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन से होगी। मैं यह कहना चाहता हूं.. आओ, हम अपना सैन्य बजट आधा करें। हम ऐसा कर सकते हैं। मुझे लगता है कि हम इसे करने में सक्षम होंगे।' 
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पुतिन ने बताया था 'अच्छा विचार'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को इस पर प्रतिक्रिया दी थी और इसे एक अच्छा विचार बताया था। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार है। अमेरिका (रक्षा व्यय) पचास फीसदी कम करेगा और हम भी 50 फीसदी कम करेंगे और फिर चीन चाहे तो वह भी शामिल हो सकता है। 

'हथियारों की दौड़ में शमिल नहीं होता चीन'
ट्रंप और पुतिन की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया में लिन ने कहा कि चीन शांतिपूर्ण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। उसका सीमित रक्षा खर्च अपनी संप्रभुता और विकास हितों की रक्षा करने के लिए है। उन्होंने कहा, चीन आत्मरक्षा की रणनीति अपनाता है, अपनी अर्थव्यवस्था और राष्ट्र की रक्षा के बीच तालमेल को बढ़ावा देता है और किसी भी देश के साथ हथियारों की दौड़ में कभी शामिल नहीं होता। उन्होंने कहा, बीजिंग ने ठोस कामों के जरिए दुनिया में शांति, स्थिरता और निश्चितता के लिए काम किया है। 


चीन दूसरा सबसे ज्यादा रक्षा खर्च वाला देश
अमेरिका के बाद चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रक्षा व्यय करने वाला देशा है। चीन ने पिछले साल अपने रक्षा बजट में 7.2 फीसदी की वृद्धि की थी, जो करीब 232 अरब अमेरिकी डॉलर (1.67 ट्रिलियन युआन) था। 

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