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UK: ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ा खतरा है चीन, भारत को बना चुका है निशाना, पीएम पद के दावेदार सुनक की चेतावनी
Mon, 25 Jul 2022 05:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 25 Jul 2022 05:49 PM IST
सार
42 साल के सुनक ने कहा कि अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं तो तकनीकी क्षेत्र में चीन के दबदबे से बचाव के लिए नाटो की तरह स्वतंत्र राष्ट्रों के एक नए सैन्य गठबंधन का गठन करेंगे।
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Rishi Sunak, ऋषि सुनक
- फोटो : twitter/@Rishi Sunak
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विस्तार
ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री और पीएम पद के दावेदार ऋषि सुनक ने चीन को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया है। सुनक ने कहा है कि चीन इस सदी में ब्रिटेन के साथ पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए भी खतरा है और उसने अमेरिका, भारत जैसे देशों को निशाना बनाकर इसके सबूत भी दिए हैं।
42 साल के सुनक ने कहा कि अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं तो तकनीकी क्षेत्र में चीन के दबदबे से बचाव के लिए नाटो की तरह स्वतंत्र राष्ट्रों के एक नए सैन्य गठबंधन का गठन करेंगे। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में कई और योजनाएं शुरू करने की बात कही।
कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व के लिए मुकाबले में शामिल सुनक ने कहा, ‘‘मैं ब्रिटेन में चीन के सभी 30 कन्फ्यूशियस संस्थानों को बंद कर दूंगा, जो दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में यहां हैं।’’ गौरतलब है कि कन्फ्यूशियस संस्थान चीनी सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं और संस्कृति-भाषा के केंद्र की तरह काम करते हैं, लेकिन पश्चिमी देशों और चीन के तनावपूर्ण संबंधों के बीच आलोचकों का दावा है कि ये संस्थान प्रचार के साधन हैं।
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भारतीय मूल के सांसद सुनक ने कहा, ‘‘चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस सदी में ब्रिटेन और दुनिया की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं...चीन की तरफ से पैदा साइबर खतरों से निपटने के लिए मैं स्वतंत्र राष्ट्रों का एक नया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाऊंगा और प्रौद्योगिकी सुरक्षा में बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे।’’
रेडी4ऋषि प्रचार अभियान ने एक बयान में कहा, ‘‘इस नए सुरक्षा गठबंधन के तहत ब्रिटेन साइबर सुरक्षा, दूरसंचार सुरक्षा और बौद्धिक संपदा की चोरी को रोकने पर अंतरराष्ट्रीय मानकों और मानदंडों को प्रभावित करने के प्रयासों का समन्वय करेगा।’’ नार्थ यॉर्कशायर में रिचमंड के सांसद सुनक ने चीन पर ब्रिटेन की प्रौद्योगिकी को चुराने और विश्वविद्यालयों में पैठ बनाने का आरोप लगाते कहा कि चीन यूक्रेन में हमलों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का साथ दे रहा है, शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपने हित में करने का प्रयास कर रहा है।
पीएम पद के लिए लिज ट्रस से है सामना
बोरिस जॉनसन का स्थान लेने के लिए सुनक का विदेश मंत्री लिज ट्रूस से कड़ा मुकाबला जारी है। टेलीविजन पर सोमवार को बहस के पहले सुनक ने अपने संदेश में चीन की आक्रामक नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया। सुनक ने कहा, ‘‘मैं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दुनिया के अन्य नेताओं के साथ काम करूंगा ताकि चीन के खतरे का सामना करने के लिए सभी पश्चिमी देश एकजुट रहें।’’
विपक्षी दल ने सुनक पर वित्त मंत्री पद पर रहने के दौरान चीन के प्रति नरम रुख रखने का आरोप लगाया। ट्रूस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ट्रूस ने विदेश मंत्री बनने के बाद से ‘‘चीन के समक्ष ब्रिटेन की स्थिति को मजबूत किया’’ और ‘‘चीनी आक्रमकता से मुकाबले के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का नेतृत्व करने में मदद की।’’
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42 साल के सुनक ने कहा कि अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं तो तकनीकी क्षेत्र में चीन के दबदबे से बचाव के लिए नाटो की तरह स्वतंत्र राष्ट्रों के एक नए सैन्य गठबंधन का गठन करेंगे। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में कई और योजनाएं शुरू करने की बात कही।
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कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व के लिए मुकाबले में शामिल सुनक ने कहा, ‘‘मैं ब्रिटेन में चीन के सभी 30 कन्फ्यूशियस संस्थानों को बंद कर दूंगा, जो दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में यहां हैं।’’ गौरतलब है कि कन्फ्यूशियस संस्थान चीनी सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं और संस्कृति-भाषा के केंद्र की तरह काम करते हैं, लेकिन पश्चिमी देशों और चीन के तनावपूर्ण संबंधों के बीच आलोचकों का दावा है कि ये संस्थान प्रचार के साधन हैं।
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भारतीय मूल के सांसद सुनक ने कहा, ‘‘चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस सदी में ब्रिटेन और दुनिया की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं...चीन की तरफ से पैदा साइबर खतरों से निपटने के लिए मैं स्वतंत्र राष्ट्रों का एक नया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाऊंगा और प्रौद्योगिकी सुरक्षा में बेहतरीन तौर-तरीके साझा करेंगे।’’
रेडी4ऋषि प्रचार अभियान ने एक बयान में कहा, ‘‘इस नए सुरक्षा गठबंधन के तहत ब्रिटेन साइबर सुरक्षा, दूरसंचार सुरक्षा और बौद्धिक संपदा की चोरी को रोकने पर अंतरराष्ट्रीय मानकों और मानदंडों को प्रभावित करने के प्रयासों का समन्वय करेगा।’’ नार्थ यॉर्कशायर में रिचमंड के सांसद सुनक ने चीन पर ब्रिटेन की प्रौद्योगिकी को चुराने और विश्वविद्यालयों में पैठ बनाने का आरोप लगाते कहा कि चीन यूक्रेन में हमलों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का साथ दे रहा है, शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपने हित में करने का प्रयास कर रहा है।
पीएम पद के लिए लिज ट्रस से है सामना
बोरिस जॉनसन का स्थान लेने के लिए सुनक का विदेश मंत्री लिज ट्रूस से कड़ा मुकाबला जारी है। टेलीविजन पर सोमवार को बहस के पहले सुनक ने अपने संदेश में चीन की आक्रामक नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया। सुनक ने कहा, ‘‘मैं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दुनिया के अन्य नेताओं के साथ काम करूंगा ताकि चीन के खतरे का सामना करने के लिए सभी पश्चिमी देश एकजुट रहें।’’
विपक्षी दल ने सुनक पर वित्त मंत्री पद पर रहने के दौरान चीन के प्रति नरम रुख रखने का आरोप लगाया। ट्रूस के एक प्रवक्ता ने कहा कि ट्रूस ने विदेश मंत्री बनने के बाद से ‘‘चीन के समक्ष ब्रिटेन की स्थिति को मजबूत किया’’ और ‘‘चीनी आक्रमकता से मुकाबले के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का नेतृत्व करने में मदद की।’’