फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China in dilemma for return of American soldiers from Afghanistan

अफगानिस्तान में चीन की दुविधा: अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर दुखी हों या खुश!

Sat, 15 May 2021 02:38 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 15 May 2021 02:38 PM IST
सार

जानकारों के मुताबिक भारत के साथ जारी तनाव के कारण चीन को भारत से लगी नियंत्रण रेखा पर अपनी सेना की बड़ी तैनाती करनी पड़ी है। इसमें उसे काफी संसाधन झोंकने पड़ रहे हैं। ऐसे में अफगानिस्तान की चुनौती चीन को भारी पड़ सकती है। अफगानिस्तान में उथल-पुथल का सीधा असर उसकी महत्वाकांक्षी बेल्ड एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना पर पड़ेगा...

विज्ञापन
China in dilemma for return of American soldiers from Afghanistan
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के एलान से चीन बड़ी दुविधा में है। यह उसके अलग-अलग बयानों से जाहिर हुआ है। इसी हफ्ते मध्य एशियाई देशों के फोरम को संबोधित करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन अफगानिस्तान से विदेशी फौज की वापसी का स्वागत करता है। साथ ही वह अफगानिस्तान में स्थिरता और विकास के लिए अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। लेकिन इसके कुछ ही रोज पहले चीन विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी के एलान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस घोषणा के कारण अफगानिस्तान में हमले बढ़ गए, इससे अस्थिरता पैदा हुई है, और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ी है।

विज्ञापन


विश्लेषकों का कहना है कि ये बयान यह जाहिर करते हैं कि एक तरफ अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी में चीन को अफगानिस्तान में अपने लिए अवसर नजर आ रहे हैं, लेकिन वह वहां गृह युद्ध तेज होने और उथल-पुथल मचने की आशंका से चिंतित भी है। विश्लेषकों के मुताबिक आम तौर पर चीन कहीं भी विदेशी दखल का विरोध करता है। लेकिन 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिका के नेतृत्व में हुआ हमला अपवाद रहा। तब उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिसमें अल-कायदा को पनाह देने के लिए तालिबान की निंदा की गई और अफगानिस्तान में नई सरकार बनाने का आह्वान किया गया था।
विज्ञापन


अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन के एक विश्लेषण के मुताबिक तब चीन की ये समझ थी कि उसकी सीमा से लगे अफगानिस्तान में तालिबान अस्थिरता का स्रोत है। तब चीन के शिनजियांग प्रांत में उइघुर मुस्लिम चरमपंथियों की गतिविधियां तेज थी। 1990 और साल 2000 के दशकों में इन चरमपंथियों ने चीन में कई आतंकवादी हमले किए थे। अब फिर चीन को अंदेशा है कि अफगानिस्तान में इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों के मजबूत होने का असर शिनजियांग प्रांत पर पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी हफ्ते चीन के सैन्य विशेषज्ञ सॉन्ग झोंगपिंग ने चेतावनी दी थी कि अगर अफगानिस्तान में वहां की मौजूदा सरकार और तालिबान मिलकर अगली सरकार बनाने को तैयार हो जाते हैं, तो चीन को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। खबरों के मुताबिक नए पैदा होते हालात को देखते हुए चीन ने पाकिस्तान के साथ अपना सैन्य सहयोग बढ़ दिया है। अफगानिस्तान से जुड़ी सीमा के पास मौजूद ग्वादार बंदरगाह पर चीनी सैनिक तैनात किए गए हैं। अपुष्ट खबरों के मुताबिक चीन के सैनिक अफगानिस्तान भी मौजूद हैं।

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर में चाइना प्रोग्राम के निदेशक युन सुन ने इस हफ्ते एक लेख में लिखा कि चीनी विशेषज्ञों की राय इस बारे में बंटी हुई है कि अमेरिकी फौज की वापसी से उनके लिए ज्यादा अवसर उपलब्ध होंगे या ज्यादा बड़ी चुनौतियां पैदा होंगी। अमेरिका जिस तरह अफगानिस्तान के मकड़जाल में उलझा रहा है, वह चीन को अपने माफिक लगता था। अब अगर अफगानिस्तान में अधिक अस्थिरता पैदा हुई, तो चीन को उस पर ध्यान लगाना होगा।


जानकारों के मुताबिक भारत के साथ जारी तनाव के कारण चीन को भारत से लगी नियंत्रण रेखा पर अपनी सेना की बड़ी तैनाती करनी पड़ी है। इसमें उसे काफी संसाधन झोंकने पड़ रहे हैं। ऐसे में अफगानिस्तान की चुनौती चीन को भारी पड़ सकती है। लेकिन वह इसे नजरअंदाज भी नहीं कर सकता। अफगानिस्तान में उथल-पुथल का सीधा असर उसकी महत्वाकांक्षी बेल्ड एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना पर पड़ेगा। जानकारों के मुताबिक अगर अफगानिस्तान में अस्थिरता नियंत्रित रही, तो यह चीन के फायदे की बात होगी। तब बीआरआई के विस्तार के उसके सामने नए अवसर आएंगे। इसीलिए चीन इस असमंजस में फंसा है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी को वह किस नजरिए से देखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed