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Hindi News ›   World ›   Chief Justice of Iran Ebrahim Raisi filed nomination for President Election

ईरान: फिर राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होंगे प्रधान न्यायाधीश रईसी, कराया नामांकन

Sat, 15 May 2021 09:31 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, दुबई
पीटीआई, दुबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sat, 15 May 2021 09:31 PM IST
सार

रईसी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई (82) के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर खुद का नामांकन कराया है। हालांकि कुछ प्रमुख लोगों का कहना है कि वह इस दौड़ में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। साल 2017 में भी उन्होंने इस पद को लेकर रुचि दिखाई थी, लेकिन असफल रहे थे।

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Chief Justice of Iran Ebrahim Raisi filed nomination for President Election
ईरान के प्रधान न्यायाधीश इब्राहिम रईसी - फोटो : instagram.com/raisi_org

विस्तार

ईरान के प्रधान न्यायाधीश इब्राहिम रईसी ने शनिवार को देश के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन कराया। कट्टरपंथी मौलाना रईसी 1988 में हजारों कैदियों को सामूहिक फांसी से संबंधित एक समिति का हिस्सा थे।

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नामांकन से पहले एक बयान में रईसी ने राष्ट्रपति बनने पर 'गरीबी, भ्रष्टाचार और भेदभाव' के खिलाफ लड़ाई लड़ने का वादा किया। 2017 के चुनाव में रईसी को 1.16 करोड़ वोट मिले थे। खामनेई ने 2019 में उन्हें प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया था।
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खामनेई से उनकी करीबी और भ्रष्टाचार रोधी मुहिम में हिस्सा लेने पर हासिल हुई लोकप्रियता चुनाव में उन्हें फायदा पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों पहले ही कह चुके हैं कि कट्टरपंथियों को चुनाव में थोड़ा लाभ मिलता है।

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अहमदीनेजाद भी लड़ेंगे राष्ट्रपति पद का चुनाव

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भी जून में होने वाले इस पद के चुनाव में फिर से किस्मत आजमा रहे हैं। बीते बुधवार को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ गृह मंत्रालय में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना पंजीकरण फॉर्म भरा। अहमदीनेजाद ने हाल के वर्षों में अपनी कट्टरपंथी छवि को अधिक मध्यमार्गी उम्मीदवार के रूप में चमकाने की कोशिश की है तथा कुप्रबंधन के लिए सरकार की आलोचना की है।

उनपर 2017 में सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। हालांकि उन्होंने तब नामांकन दायर कर दिया था, मगर संवैधानिक निगरानी संस्था ‘गार्जियन काउंसिल’ ने उन्हें तब अयोग्य ठहरा दिया था। बता दें कि राष्ट्रपति खामनेई ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार का विरोध नहीं करेंगे। हालांकि, फिर भी चुनाव परिषद अहमदीनेजाद की उम्मीदवारी रोक सकती है।

खामनेई ने मंगलवार को ईरानी विश्वविद्यालय के छात्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा था कि पहले चुनावों में जो उम्मीदवार बनना चाहता था उसने मुझसे पूछा था कि क्या मैं सहमत हूं? उन्होंने कहा, 'इस साल मैंने कहा कि मैं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा।' उल्लेखनीय है कि ईरान अमेरिका के साथ तनाव के बीच परमाणु समझौते को लेकर विश्व शक्तियों के साथ बातचीत कर रहा है।

इस बीच अहमदीनेजाद का प्रवेश चुनाव में जान फूंक सकता है जो कोरोना वायरस और पाबंदियों की वजह से ठंडा पड़ा था। अगर राजनीतिक परिदृश्य में उनकी वापसी होती है तो यह कट्टपंथियों में उन असंतुष्टों के लिए खुशी की बात हो सकती है जो पश्चिम, खासकर इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख चाहते हैं।

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