ब्रिटेन: अब बोरिस जॉनसन के सामने है उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती
एक अखबार ने कई हफ्ते पहले ब्रेक की थी कि पिछले साल क्रिसमस पर प्रधानमंत्री निवास 10-डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी आयोजित की गई। उस समय देश में करोना वायरस महामारी के कारण प्रतिबंध लागू थे और पार्टियों का आयोजन गैर-कानूनी था...
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ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन को बतौर प्रधानमंत्री अब सबसे कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उनके कार्यकाल में पहले भी कई घोटाले सामने आए हैं, लेकिन ताजा घोटाले से उनके खिलाफ जैसा माहौल बना है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ।
ये खबर एक अखबार ने कई हफ्ते पहले ब्रेक की थी कि पिछले साल क्रिसमस पर प्रधानमंत्री निवास 10-डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी आयोजित की गई। उस समय देश में करोना वायरस महामारी के कारण प्रतिबंध लागू थे और पार्टियों का आयोजन गैर-कानूनी था। अखबार डेली मिरर ने जब ये खबर छापी, तब से ही ये मामला ब्रिटिश मीडिया में चर्चित था। लेकिन इस हफ्ते आकर इसने गंभीर रूप ले लिया, जब टीवी चैनल आईटीवी ने एक वीडियो प्रसारित किया। उस वीडियो में प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी क्रिसमस पार्टी को लेकर उस समय मजाक करते हुए सुने गए, जब वे प्रेस ब्रीफिंग की तैयारी कर रहे थे।।
पहले पार्टी से इनकार, फिर जांच का एलान
डेली मिरर में खबर छपने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि 10-डाउनिंग स्ट्रीट में कोई क्रिसमस पार्टी नहीं हुई थी। वहां सभी नियमों का पालन किया गया। लेकिन बढ़ते दबाव के बीच बुधवार को प्रधानमंत्री जॉनसन को इस मामले की जांच का एलान करना पड़ा। उधर प्रधानमंत्री की पूर्व प्रवक्ता एलेग्रा स्ट्रेटॉन ने अपने मौजूदा पद से इस्तीफा दे दिया। अभी वे सरकार की सलाहकार थीं।
आईटीवी अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की सहयोगी प्रसारण संस्था है। उसने कई अधिकारियों से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि पिछले साल 27 नवंबर और 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री आवास में सचमुच पार्टियां हुई थीं। उनमें एक मौके पर प्रधानमंत्री जॉनसन भी मौजूद थे और तब उन्होंने मौजूद लोगों को संबोधित भी किया था। आईटीवी ने कहा है कि 18 दिसंबर को हुई पार्टी के दौरान मौजूद लोगों को तोहफे के रूप में सांता क्लाउज की प्रतिकृतियां दी गई थीं।
ब्रिटेन में बढ़े कोरोना के मामले
ब्रिटेन में इस वक्त फिर से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री जॉनसन ने बुधवार को नए सामाजिक प्रतिबंधों का एलान किया। लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सरकार के कदमों को लेकर लोगों में विरोध भाव है। मीडिया की टिप्पणियों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री कोरोना महामारी के दौरान लोगों को जिन मुश्किलों से गुजरना पड़ा, उसे लेकर संवेदनशील नहीं हैं। इसीलिए उन्होंने उस समय अपने आवास में पार्टी की, जब उनकी सरकार ने ही लोगों के ऐसा करने पर कानूनी रोक लगा रखी थी।
अब तक पार्टी होने की बात से इनकार रहे प्रधानमंत्री ने बुधवार को संसद में माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो को देख कर जो लोग आहत हुए हैं, उनसे वे क्षमा मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर की घटना की जांच कैबिनेट सेक्रेटरी करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच अगर किसी नियम के उल्लंघन की बात सामने आई तो दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि माफी और जांच की घोषणा से प्रधानमंत्री की मुश्किलें आसान नहीं हुई हैं। असल सवाल उनकी साख पर उठा है। कुछ टिप्पणियों में अटकलें लगाई गई हैं कि अगर जांच के दौरान क्रिसमस पार्टी में खुद प्रधानमंत्री के शामिल होने की बात की पुष्टि हो गई, तो बोरिस जॉनसन कठघरे में खड़े हो जाएंगे। तब उनसे इस्तीफे की मांग तेज हो जाएगी।